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गुवाहटी: संसद के दोनों सदनों से पारित वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक को असम विधानसभा ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया। इसके साथ ही पूरे देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के प्रावधान वाले विधेयक को अनुमोदित करने वाला असम पहला राज्य बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने सदन में इसकी घोषणा की। विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ के सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन इससे पहले असम पर जीएसटी के प्रभाव के बारे में विधानसभा में चर्चा कराए जाने की मांग कि गई। अध्यक्ष ने उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया। जीएसटी के लिए संविधान के 122वें संशोधन विधेयक 2014 को असम विधानसभा द्वारा अनुमोदन किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष दास और राज्य के वित्त मंत्री हिमंत विश्वा शर्मा ने एक दूसरे का मुंह मीठा किया। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल चाहते थे कि जीएसटी अनुमोदित करने वाला असम पहला राज्य बने ताकि इससे राज्य के उद्योगों में सकारात्मक संकेत जाए। मुख्यमंत्री की ओर से शर्मा ने विधेयक को पेश किया था। शर्मा ने कहा कि ब्राजील और कनाडा के बाद भारत तीसरा देश होगा जहां केंद्र और राज्यों में जीएसटी संग्रह एक नई संस्था जीएसटी परिषद के जरिए किया जाएगा। जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने से पहले कम से कम 15 राज्यों द्वारा इस पर अपनी सहमति जतानी होगी।

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को कहा कि कोकराझार जिले में हुए हमले में उग्रवादी संगठन एनडीएफबी:एस सीधे तौर पर शामिल था। सोनोवाल ने कहा, ‘कोकराझार हिंसा में एनडीएफबी-एस की सीधी संलिप्तता मिली है।’ उन्होंने कहा कि पुलिस को मारे एक उग्रवादी के पास मिले मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण जानकारी और कांटैक्ट नंबर मिले हैं। कोकराझार की बाजार में हुए इस हमले में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 21 घायल हुए। मुख्यमंत्री ने छह साल के लड़के सहित गंभीर रूप से घायल लोगों से मुलाकात की और डाक्टरों को पीड़ितों की विशेष देखभाल करने का निर्देश दिया। बाद में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि डाक्टरों ने उन्हें जानकारी दी है कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। यह पूछे जाने पर कि उनका प्रशासन चरमपंथी संगठन और उनकी गतिविधियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी सरकार लोगों के जान माल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मेरी सरकार ने सुरक्षा बलों को उग्रवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।’’ वरिष्ठ मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि कि 14 घायलों को पास के बारपेटा मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया जबकि उनमें से पांच को जीएमसीएच भेजा गया।

गुवाहाटी: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मजिस्ट्रेट की अदालत ने आज आरोपी के तौर पर समन किया जिन्हें आरएसएस के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए आपराधिक मानहानि मामले का सामना करना है। पिछले वर्ष बारपेटा में मंदिर में प्रवेश को लेकर आरएसएस के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में उन्हें अदालत के समक्ष पेश होना है। कामरूप के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय हजारिका ने राहुल को 21 सितम्बर को तलब कर भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत मुकदमे का सामना करने को कहा है जिसके तहत मानहानि करने पर उसे दो वर्ष तक की कैद या जुर्माना अथवा दोनों का सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले दो अगस्त को अदालत ने अपना फैसला आज के लिए टाल दिया था कि क्या कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ आरोपी के तौर पर समन जारी किया जाए अथवा नहीं। आरएसएस के कार्यकर्ता अंजन बोरा ने राहुल के खिलाफ कामरूप के सीजेएम की अदालत में आपराधिक मानहानि मामला दायर कर आरोप लगाया था कि बारपेटा सतरा में आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रवेश नहीं करने देने का आरोप लगाकर संगठन की छवि को खराब किया है। बारपेटा सतरा 16वीं सदी का वैष्णो मंदिर है। राहुल ने 12 दिसम्बर 2015 को ये आरोप लगाए थे।

कोकराझार: एनआईए की एक टीम ने आज (शनिवार) उस स्थान की गहन जांच की और प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की जहां कल आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 14 लोग मारे गए थे जबकि बोडो अलगाववादी संगठन एनडीएफबी (एस) के उग्रवादियों की धर-पकड़ के लिए सघन तलाशी अभियान जारी है। एनडीएफबी (एस) के उग्रवादियों के हमले में संलिप्त रहने का संदेह है। असम के वित्त मंत्री हिमांता बिस्वा सरमा ने हमले के स्थान का दौरा किया और संवाददाताओं से कहा कि कल जिस उग्रवादी को मार गिराया गया उसकी पहचान मंजय इसलारी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, ‘वह एनडीएफबी (एस) धड़े की 16वीं बटालियन का स्वयंभू एरिया कमांडर है। हम उसका शव उसके अभिभावकों को देंगे।’ उन्होंने कहा कि यहां से करीब 12 किलोमीटर दूर बालाजान टिनियाली बाजार में हमले को अंजाम देकर फरार होने वालों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उग्रवादी आत्मघाती दस्ता का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘अगर वे आत्मघाती दस्ता का हिस्सा होते तो फरार नहीं होते।’ अधिकारियों ने कहा कि एनआईए की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची है और गवाहों से बात कर रही है। पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना के जवान उग्रवादियों को पकड़ने के लिए पड़ोसी चिरांग जिले में भी सघन अभियान चला रहे हैं। रक्षा सू़त्रों ने कहा कि विशेष बल, पता लगाने वाले कुत्ते और अन्य उपकरणों का भी सहयोग लिया जा रहा है।

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