नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया. भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश किया। विधेयक पेश होने के बाद इस पर चर्चा हुई। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ विधेयक के बहाने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल बीजेपी की नफरत की राजनीति का एक और नया अध्याय है।
सपा चीफ ने महाकुंभ से लेकर हाल ही में संपन्न हुए ईद पर विभिन्न जिलों में लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए योगी सरकार को संसद से घेरा।
अखिलेश ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि 1000 हिंदू तो खो गए है कहा हैं वो? बिना तैयारी के बीजेपी के लोगों ने 100 करोड़ लोगों को बुला लिया। महाकुंभ में कितने लोगों की जान गई पता है न सबको! कन्नौज सांसद ने कहा कि ये लोग हिंदू-मुसलमानों में बंटवारा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बिल बीजेपी की नफरत की राजनीति का एक और नया अध्याय है।
साथ ही उन्होंने कहा, बंटवारा तो पीडीए करेगा देखना। मिल्कीपुर उपचुनाव का जिक्र न करते हुए अखिलेश ने फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद की ओर इशारा करते हुए कहा कि चुनाव तो इन्होंने देखा है... वोट ही नहीं डालने दिया।
उन्होंने कहा कि ईद पर सभी धर्म के नेता जाते है लेकिन इस बार पाबंदी थी। वक्फ विधेयक का विरोध का ऐलान करते हुए सपा चीफ ने कहा कि समाजवादी पार्टी बिल का विरोध करती है।
वक्फ बिल पर बोलते हुए अखिलेश, बीजेपी के आंतरिक मामलों पर तंज करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि बीजेपी के अंदर मुकाबला चल रहा है कि खराब हिन्दू कौन है। इसके बाद सपा चीफ ने कहा कि खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली पार्टी अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।'
इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवार के लोग ही करेंगे। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है। इसलिए इसमें समय लगता है। आपके मामले में इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे।'