नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव, सीएम योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर बुरी तरह भड़क गए हैं। अखिलेश ने यहां तक कह दिया कि दिल्ली वालों को चाहिए कि उन्हें हटा दें। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी में हर नेता बड़ा नेता बनना चाहता है। हमारे मुख्यमंत्री कहते है राजनीति पार्ट टाईम जॉब है दिल्ली वालों को ऐसे मुख्यमंत्री को हटाना चाहिये।
वहीं वक्फ संशोधन विधेयक पर सपा चीफ ने कहा कि हमारी पार्टी इसका विरोध करेगी। वोट होगा तब भी विरोध करेगी। बीजेपी में सिर्फ वोट लेने का राजनीति चल रही है। अखिलेश ने कहा कि एनडीए के सहयोगी दलों के संदर्भ में कहा कि जो जिस निर्वाचन क्षेत्र से आता है, उसे वहां की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर राम मोनहर लोहिया ने अपनी पुस्तक में लिखा था कट्टर हिन्दू बनाम उदारवादी में लड़ाई है। यह सालों से जारी है।
बीजेपी को जमीन से बहुत प्यार: अखिलेश
यूपी के पूर्व सीएम ने कहा,'भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसे ज़मीन से बहुत प्यार है। उन्होंने रेलवे की ज़मीन बेची, रक्षा की ज़मीन बेची और अब वक्फ की ज़मीन बेची जाएगी। यह सब उनकी नाकामियों को छिपाने की योजना है।' सपा चीफ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में वोट लेने के लिए, अपने आप को बड़ा नेता बनाने के लिए कौन खराब हिंदू है, कौन खराब फैसले ले सकता है, कौन ज्यादा किसी को परेशान कर सकता है, इसमें मुकाबला चल रहा है।
सीएम ने क्या कहा था?
मंगलवार, 1 अप्रैल को प्रसारित हुए एक साक्षात्कार में मुख्यमंत्री योगी ने कहा था- मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं, प्रदेश की जनता के लिए पार्टी ने मुझे यहां लगाया है। राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है। मैं वास्तव में हूं तो एक योगी। तो हम लोग जिस समय तक हैं, काम कर रहे हैं।