नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा जारी है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि मंत्री रिजिजू ने बिल को पेश करते हुए पूरे सदन को मिसलीड किया। गोगोई ने कहा कि यूपीए को लेकर जो भी बातें मंत्रीजी (किरण रिजीजू) ने कहीं सब झूठ है। गोगोई ने कहा कि मंत्रीजी मुस्लिमों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कीं। लेकिन वह बताएं कि आखिर बीजेपी शासित राज्यों में ईद की नमाज तक सड़कों पर पढ़ने नहीं दी गई। पहले ये तो बताइए कि आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं। उन्होंने कहा कि हम तो बस इतना पूछना चाहते हैं कि ये बिल अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बनाया या किसी दूसरे मंत्रालय ने, कहां से आया ये बिल।
गोगोई ने कहा कि सरकार इस बिल के जरिए भ्रम फैला रही है। सरकार की मुस्लिम समाज की जमीन पर नजर है। कल दूसरे समुदायों के जमीन पर इनकी नजर जाएगी। गोगोई ने कहा कि मंत्रीजी ने कहा कि इस बिल में बोर्ड के अंदर दो महिलाओं को अंदर रखने का प्रावधान किया गया है। लेकिन हकीकत यह है कि मौजूद बिल में पहले से इसका प्रावधान है, दो से ज्यादा महिलाओं का इसमें प्रावधान है, लेकिन इन्होंने इसे अब दो कर दिया है।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने वक्फ बोर्ड को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड ठीक ढंग से काम करे, लेकिन सरकार इसे कमजोर करना चाहती है। इसी वजह से राजस्व खंड को 7% से घटाकर 5% कर दिया गया है। गोगोई ने प्रस्ताव रखा कि राजस्व को 7% से बढ़ाकर 11% करना चाहिए।
गौरव गोगोई ने सरकार के वक्फ विधेयक के चार उद्देश्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का मकसद है - "कमजोर करना, बदनाम करना, विभाजन करना और अधिकार छीनना।" उन्होंने विस्तार से बताया कि सरकार संविधान को कमजोर करना चाहती है, अल्पसंख्यक समुदायों को बदनाम करना चाहती है, भारतीय समाज को बांटना चाहती है और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को छीनना चाहती है। गोगोई ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, कल को दूसरे समुदायों की जमीन पर भी इनकी नजर हो सकती है।
गौरव गोगोई ने कहा कि आप इलेक्शन की प्रक्रिया हटाना चाहते हैं और आप रिफॉर्म की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि ये बार-बार इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं कि पुराने कानून में हाईकोर्ट का कोई रोल नहीं है, वक्फ ट्रिब्यूनल का आदेश ही अंतिम होगा। गौरव गोगोई ने कहा कि अगर कहीं अन्याय हो तो सेक्शन 96 के तहत केंद्र सरकार को ये पावर है कि वह डायरेक्शन जारी कर सकता है। मामला हाईकोर्ट भी जा सकता है।
गौरव गोगोई ने कहा, सरकार धर्म के आधार पर बांट रही है।यह किस प्रकार का कानून बना रहे हैं।किस तरह का न्याय है।ये चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड कमजोर हो।7 से 11 प्रतिशत रेवेन्यू इनक्रीज करना चाहिए था लेकिन इसको 7 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है।गौरव गोगोई ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, आज विशेष समुदाय पर इनकी नजर है।कल किसी दूसरे पर होगी।इनके संशोधन से और मसले – समस्याएं बढ़ेंगी।उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा, किस कौम को आप भ्रमित करना चाहते हैं।जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी ।2 लाख लोग शहीद हुए।उस कौम पर जिन्होंने भारत छोड़ो, दांडी मार्च आंदोलन में हिस्सा लिया, उस कौम पर दाग लगाना चाहते हैं।साथ ही उन्होंने कहा, जेपीसी के एक भी संशोधन को इन्होंने स्वीकार नहीं किया।हमने भी बहुत से जेपीसी देखे हैं।