ताज़ा खबरें
वक्फ बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, मुस्लिम संगठन कर रहे हैं विरोध
ट्रंप का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण,भारत के हित सर्वोपरि रखे सरकार:आनंद शर्मा
बीजेपी सरकार अर्थव्यवस्था के इस दोहरे दुष्चक्र के लिए दोषी: अखिलेश

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल आज लोकसभा में चर्चा हो रही है। सदन में पक्ष और विपक्ष लगातार अपनी राय रख रहे हैं। सरकार की ओर पक्ष रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे लगता है कि या तो निर्दोष भाव से या राजनीतिक कारणों से ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों के मन में भी हैं और इन्हें फैलाने का प्रयास भी हो रहा है। बिल पर चर्चा का जवाब रिजिजू जी देंगे। कुछ बातों को स्पष्ट करने का प्रयास करूंगा।

वक्फ में एक भी गैर मुस्लिम नहीं शामिल होगा: शाह

अमित शाह ने कहा, वक्फ एक अरबी शब्द है जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा मिलता है। आज जिस अर्थ में इसका उपयोग किया जाता है, अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान। अभी जो हम समझ रहे हैं, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एंडोरमेंट है। इसमें व्यक्ति पवित्र दान करता है। दान उस चीज का किया जा सकता है जो अपनी हो, मैं सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं कर सकता। ये सारी बहस इसी बात पर है।

गृह मंत्री ने कहा, वक्फ में धार्मिक क्रियाकलाप चलाने के लिए गैर मुस्लिम को नहीं रखा जा रहा है। लेकिन विपक्ष इसके जरिये डराकर अपना वोट बैंक सुरक्षित करने का काम कर रहा है। वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम रखने की बात है जिसका काम ये देखना है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं। इस सदन के माध्यम से पूरे देश के मुस्लिम भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर मुस्लिम नहीं शामिल होगा।

अमित शाह ने कहा कि वक्फ बोर्ड में जो संपत्तियां बेच खाने वाले, सौ-सौ साल के लिए औने-पौने दाम पर किराए पर देने वाले लोग है, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद उन्हें पकड़ने का काम करेगा। ये चाहते हैं कि इनके राज में जो मिलीभगत चलती रहे। अब ये नहीं चलेगा। अमित शाह ने कहा कि 2013 का जो संशोधन आया, वो नहीं आया होता तो आज ये संशोधन लाने की नौबत नहीं आती। कांग्रेस सरकार ने दिल्ली लूटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दीं। उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ।

अमित शाह ने मणिपट्टी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि, एक लाख 38 हजार एकड़ जमीन किराये पर दिए जाने, सौ साल की लीज पर निजी संस्थानों की जमीन हस्तांतरित किए जाने, विजयपुर गांव की 1500 एकड़ भूमि पर दावा करके विवाद में डाले जाने, फाइव स्टार होटल को 12000 महीने के किराए पर देने का जिक्र किया और कहा कि ये पैसा गरीब मुसलमान का है।

जमीनें कब्जाने के शाह ने दिए उदाहारण

जमीन हड़पने के उदाहारण देते हुए अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में एक मंदिर पर क्लेम किया, 600 एकड़ जमीन पर दावा किया। ईसाई समुदाय की ढेर सारी जमीनों पर भी दावा कर दिया। कई समूह वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं। अखिलेश जी, मुस्लिम भाइयों की सहनभूति लेने का कोई फायदा नहीं होगा। ये दक्षिण के जो सांसद बोल रहे हैं, वो अपने क्षेत्र के सारे चर्च को नाराज कर रहे हैं। कांग्रेस ने हरियाणा की गुरुद्वारे से संबंधित भूमि वक्फ को सौंप दिया। प्रयागराज में चंद्रशेखर आजाद पार्क को भी वक्फ घोषित कर दिया। ये सब जब जो चल रहा है, वक्फ मुस्लिम भाइयों के दान से बनाया ट्रस्ट है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं करना चाहती है।

इस दौरान सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 2013 में किया संशोधन सिर्फ पांच घंटे के बाद हुआ था, इस बार दोनों सदनों में 16 घंटे चर्चा हो रही है। गृह मंत्री ने कहा कि- विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़का रहा है। वक्फ मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि निकाय नहीं है और ये बिल जन कल्याण के लिए है, वोटबैंक के लिए हैं। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल भूमि 18 लाख एकड़ थी और 2013 से 2025 तक 21 लाख भूमि बढ़ गई है। इसमें 2013 के बाद खासी बढ़ोत्तरी हुई है। अमित शाह ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है कि पूर्वव्यापी प्रभाव से आएगा। इस विधेयक के पहले तीन पेज और धाराएं पढ़ ली होतीं तो पता चल जाता।

विपक्ष पर जमकर बरसे अमित शाह

शाह ने कहा कि लाखों करोड़ों की भूमि और इनकम 126 करोड़ रुपया। ये कहते हैं कि आय का क्या उद्देश्य है? आज राजद के सारे सदस्य बोले, 2013 का जब संशोधन आया, तब लालू जी ने क्या कहा, ये कहा कि सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सब पर बड़ी इमारतें बन गई है। हम समर्थन करते हैं लेकिन चाहते हैं कि एक कड़ा कानून लाइए। अमित शाह ने तब कई सदस्यों की ओर से सदन में कही गई बातों पर जवाब देते हुए कहा कि पारदर्शिता से क्यों डरना है। आपने तो कर दिया था कि उसके ऑर्डर को कोर्ट में कोई चैलेंज ही नहीं कर सकता। पूरा संविधान वहीं समाप्त कर दिया था। हम तो कहते हैं कि कोर्ट में कोई भी चैलेंज कर सकता है। कोर्ट के फोरम से बाहर करने का पाप कांग्रेस ने किया था।

'न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए थे'

इस दौरान सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- 2013 में किया संशोधन सिर्फ पांच घंटे के बाद हुआ था, इस बार दोनों सदनों में 16 घंटे चर्चा हो रही है। इसे लेकर जो समिति भी बनाई गई, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि आए, अध्ययन दौरे तीन किए गए। 92.68 लाख के करीब सुझाव ऑनलाइन आए आप ऐसे इसे खारिज नहीं कर सकते हो। यहां जो सदस्य हैं, वो किसी परिवार की कृपा से चुनकर नहीं आए हैं, एक सदस्य ने कहा है कि पुराने कानून में अपील का प्रावधान था। उसमें स्पष्ट था कि कोई भी निर्णय हो, अपील नहीं हो सकती, न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए थे। अभी फैशन है संविधान लहराने का, संविधान के हिसाब से कोई भी फैसला कोर्ट के दायरे से बाहर कैसे हो सकता है। आपने वोटबैंक के लिए ऐसा किया था, हम खारिज कर रहे हैं, ऐसा नहीं चलेगा। एक सदस्य ने कह दिया कि माइनॉरिटी इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी, क्या धमका रहे हो भाई। संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना पड़ेगा।

इनको न पिछड़ों की चिंता है, न मुसलमानों की: अमित शाह

अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने कहा- इनको न पिछड़ों की चिंता है, न मुसलमानों की, ये सालों से जातिवादी औऱ तुष्टिकरण के आधार पर काम करते हैं। इसी आधार पर काम करके अपने परिवार की राजनीति बढ़ाई है। और मोदी जी की सरकार ने इसे खत्म करने का काम किया है। जनता ने तीन टर्म मोदी जी को चुना और तीन टर्म भारतीय जनता पार्टी की रहने वाली है। मैं इस बिल को लेकर किरेन रिजिजू को बधाई देना चाहता हूं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख