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नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर दिल्ली में अमित शाह के घर पर महायुति की बैठक हुई। इस बैठक में शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। इसके साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे भी बैठक में शामिल हुए।

मेरे लिए लाडला भाई पद किसी भी चीज से बडा: शिंदे

बैठक से पहले दिल्ली पहुंचने पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैंने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भूमिका साफ कर दी है कि महायुति के मुख्यमंत्री को लेकर कोई बाधा नहीं है। लाडला भाई दिल्ली आ चुका है और लाडला भाई पद मेरे लिए किसी भी चीज से बड़ा है। बैठक में हर बात पर चर्चा होगी।

दिल्ली पहुंचने के बाद एकनाथ शिंदे सीधे शाह के कृष्ण मेनन मार्ग स्थित आवास पर गए। उन्होंने कहा कि वह महाराष्ट्र में सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह द्वारा लिये गये फैसले का पालन करेंगे। इससे पहले फडणवीस ने एनसीपी नेता सुनील तटकरे के आवास पर अजित पवार के साथ बैठक की।

नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के पांच दिन बाद भी वहां अभी यह तय नहीं हो पाया है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस बीच महाराष्ट्र की राजनीति दिल्ली पहुंच गई है। महाराष्ट्र की अगली सरकार बनाने जा रही महायुति के नेता गुरुवार को शाम तक दिल्ली पहुंच रहे हैं। इन नेताओं की दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात होनी है। इसी मुलाकात में महाराष्ट्र के अगला मुख्यमंत्री और उसकी कैबिनेट तय होने की उम्मीद है। इसके बाद ही नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख का एलान होगा।

महायुति के नेता दिल्ली मेंं अमित शाह से करेंगे मुलाकात

महायुति में शामिल एनसीपी के प्रमुख अजित पवार पहले से ही दिल्ली में हैं। बीजेपी और शिवसेना के नेता गुरुवार शाम तक दिल्ली पहुंचेंगे। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे शाम सात बजे अपने सांसदों से मुलाकात करेंगे। इन दिनों संसद का शीत कालीन सत्र चल रहा है, इस वजह से सभी पार्टियों के बड़े नेता दिल्ली में जमे हुए हैं। यह संकेत है कि अब महाराष्ट्र की नई सरकार के स्वरूप का फैसला अब दिल्ली में होगा।

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति की शानदार जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस चल रहा है। महायुति गठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें जीतेने वाले दल- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) है। तो जाहिर है कि सीएम भी कोई इन्हीं में से बनेगा। वैसे इस वक्त सीएम पद के दो दावेदार हैं- बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना के एकनाथ शिंदे। ऐसे में मुख्यमंत्री के नाम पर फाइनल मुहर लगाने में अजित पवार सीएम मेकर की भूमिका निभा सकते हैं।

फडणवीस के नाम अजित पवार दे चुक हैं सहमति

महायुति की कुल 235 सीटों में से बीजेपी ने 132, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की। इन चुनावी आंकड़ों को देखें तो बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के बिना सरकार नहीं बना सकती। सरकार बनाने के लिए 145 का जादुई आंकड़ा चाहिए, इसलिए उसके लिए किसी एक का साथ जरूर है। उधर, शिवसेना और एनसीपी भी मिलकर कुछ नहीं कर पाएंगे क्योंकि दोनों मिलकर भी सिर्फ 98 सीटों का आंकड़ा ही जोड़ पाएंगे।

मुंबई: महाराष्ट्र में अगले सीएम को लेकर सस्पेंस बरकार है। अभी तक किसी नेता के नाम पर मुहर नहीं लगी है। इस बीच सीएम एकनाथ शिंदे ने आज सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सीएम राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा। हालांकि, अगले सीएम के चुनाव तक एकनाथ शिंदे बतौर कार्यवाहक सीएम पद की जिम्मेदारियां संभालेंगे। दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महायुति में भाजपा को सीएम पद देने पर सहमति बन गई है और भाजपा की तरफ से देवेंद्र फडणवीस को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही शिवसेना और राकांपा गुट से भी एक-एक डिप्टी सीएम होगा। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान चल रही है। दरअसल शिवसेना एकनाथ शिंदे को ही सीएम बनाने की मांग कर रही है। शिवसेना महाराष्ट्र में भी बिहार फार्मूला लागू करने की मांग कर रही है, जहां भाजपा ने ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद नीतीश कुमार को सीएम बनाया है। हालांकि अमित शाह से चर्चा के बाद रास्ता निकाला गया है।

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