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शिमला: चंबा जिले के दूरदराज के इलाके में शाम एक बस के नाले में गिर जाने से 14 लोगों की मौत हो गयी और 31 लोग घायल हो गए। राहत अभियान की निगरानी करने वाले सलोनी के एसडीएम अजय पराशर ने बताया, ‘‘हादसा उस वक्त हुआ जब बस सांघनी से डलहौजी जा रही थी। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि अस्पताल ले जाये जाने के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। चार अन्य लोगों की अस्पताल में मौत हो गयी।’’ एसडीएम ने बताया कि मृतकों में आठ लोग स्थानीय थे और दो पंजाब के संगरूर के रहने वाले थे। चार लोगों की अभी पहचान नहीं हो पायी है। बाथरी सिविल हॉस्पिटल में 10 लोगों की स्थिति गंभीर बतायी गयी जिन्हें आगे इलाज के लिए कांगड़ा के टंडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।पराशर ने बताया कि राहत अभियान पूरा हो चुका है और सभी यात्रियों को घटनास्थल से ले जाया गया। घायलों को बाथरी और बानीखेत के अस्पातल में भर्ती कराया गया। एसडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन तत्काल राहत के तौर पर प्रत्येक मृतकों के परिवार को 10,000 रूपये और घायलों को 5,000 रूपया दिया गया है।

शिमला: हिमाचल सड़क नगर परिवहन निगम की एक बस शनिवार रात को मंडी जिले के जोगिंदरनगर के पास एक गहरे खड्ढ में गिर गई। इस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 40 अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना यहां से 210 किलोमीटर दूर हुई। उस समय रेकोंग पीओ जा रही इस बस में 55 से ज्यादा लोग सवार थे। पुलिस ने कहा कि नौ लोगों में से आठ के शव बस के मलबे में से बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में कुल 39 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान जारी हैं और घायलों को पीजीआई चंडीगढ़, सरकारी मेडिकल कॉलेज, टांडा (कांगड़ा) और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान होना अभी बाकी है। बचाव अभियान जारी हैं और विस्तृत ब्यौरों की प्रतीक्षा है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अगले दो वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र में 25 हजार नौकरियां देगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा निजी क्षेत्र में हजारों नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने बिलासपुर जिले में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार ने पिछले तीन सालों में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में 60 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरियां दी हैं, जिसमें 27 हजार केवल सरकारी क्षेत्र में है और अगले दो वर्षों में सरकारी क्षेत्र में यह 25 हजार और नौकरियां देने को प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली: उत्तराखंड में अपनी सरकार गिराए जाने के प्रयासों की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश में अपने ‘बिखरे घर’ को जोड़ने की कोशिश में प्रदेश के सभी नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान पार्टी ने अपने सभी नेताओं से अनुरोध किया कि वे वीरभद्र सिंह सरकार को गिराने के प्रयासों का साथ मिलकर मुकाबला करें। उत्तराखंड में पार्टी में कुछ टूटन, जिसके कारण उनकी सरकार गिरने की स्थिति में पहुंच गई, के बाद कांग्रेस ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश की संयोजन समिति की बैठक आज दिल्ली में आयोजित की। इस बैठक में प्रदेश से पार्टी के सभी नेता, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सभी मंत्रियों और विधायकों ने हिस्सा लिया। करीब ढ़ाई घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता एआईसीसी की महासचिव अंबिका सोनी ने की। वह पार्टी के हिमाचल प्रदेश मामलों की प्रभारी भी हैं। सोनी ने दावा किया ‘कांग्रेस विधायक दल पूरी तरह एकजुट है और राज्य में उत्तराखंड जैसी स्थिति आने की कोई संभावना नहीं है। हिमाचल कांग्रेस में कोई संकट नहीं है और जो कुछ उत्तराखंड में हुआ वह लोकतंत्र पर हमला था।’

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