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शिमला: हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के नूरपुर सब डिवीजन में तीन मंजिला एक इमारत के गिरने से कम से कम 11 लोगों के मरने की आशंका है। यह घटना उस वक्त हुई जब बगल में निर्माणाधीन स्थल पर 10 से ज्यादा श्रमिक काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि कामगार मकान के नींव का काम कर रहे थे तभी बगल के भवन में स्थित जूते चप्पल की एक दुकान गिर गयी। मलबे से एक शव निकाला गया है। दो घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

धर्मशाला: अमृतसर से आ रही एक पर्यटक बस धलीआरा के निकट खाई में गिर गयी जिससे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी जबकि 30 अन्य घायल हो गये। घायलों को नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। बस के खाई में गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. लोग जोर-जोर से मदद की गुहार लगाने लगे। धर्मशाला के पुलिस अधीक्षक एस. गांधी ने बताया कि अभी तक हादसे में मरने वाले लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा, घायलों को कांगड़ा के टंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

नई दिल्ली: आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जमानता मिल गई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के बाद वीरभद्र सिंह को जमानत दी गई। इससे पहले वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सहित की ओर से दायर की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान वीरभद्र सिंह के वकील ने सीबीआई की दलीलों का विरोध किया। साथ ही कहा कि सीबीआई अपने असली रंग दिखा रही है। सीबीआइ की जांच निष्पक्ष नहीं है और वह राजनीतिक इशारों पर काम कर रही है। सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ कथित रूप से 10 करोड़ रुपये के आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला है। चार्जसीट 500 से ज्यादा पन्नों की है। इसमें दावा किया गया है कि सिंह ने करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की जो केंद्रीय मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उनकी कुल आमदनी से 192 प्रतिशत अधिक है। वीरभद्र और आठ अन्य लोगों के खिलाफ कथित अपराध के लिए भ्रष्टाचार रोकथाम कानून और आईपीसी की धारा 109 (उकसाने) और 465 (जालसाजी के लिए सजा) के तहत दायर अंतिम रिपोर्ट में 225 गवाहों और 442 दस्तावेजों को रखा गया है।

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी करीब 10 करोड़ रूपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज यहां की एक विशेष अदालत में पेश हुए और जमानत के लिए आवेदन दिया। केंद्रीय जांच ब्यूरो :सीबीआई: ने सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा और इस मामले के अन्य आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिका का जवाब देने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा था जिसके चलते न्यायाधीश ने मामले पर बहस के लिए 29 मई की तारीख तय कर दी। सीबीआई के 500 पन्नों के आरोपपत्र में दावा किया गया है कि केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान सिंह ने अपनी कुल आय से करीब 10 करोड़ मूल्य अधिक की संपत्ति एकत्रित की। सिंह और आठ अन्य लोगों के खिलाफ जालसाजी और भ्रष्टाचार के मामले की अंतिम रिपोर्ट में 225 गवाहों के बयान और 442 दस्तावेज शामिल हैं। रिपोर्ट में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को भी आरोपी बनाया गया है, वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। चौहान को प्रवर्तन निदेशालय :ईडी: ने पिछले वर्ष नौ जुलाई को धनशोधन के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।

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