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नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी की याचिका पर केन्द्रीय जांच ब्यूरो को नोटिस जारी किया। वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने यह याचिका अपने और पति के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति के मामले में दाखिल आरोपपत्र को लेकर दायर की है। प्रतिभा सिंह ने इसमें आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी ने जांच के दौरान समुचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी मांग की है कि मामले में दंपत्ति के खिलाफ दायर आरोपपत्र का संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए। विशेष न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार गोयल इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं जिसमें सीबीआई ने मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में दावा किया गया है कि सिंह के पास करीब 10 करोड़ रूपये मूल्य की संपत्ति है जो कि केंद्रीय मंत्री के पद पर उनके कार्यकाल के दौरान उनकी आमदनी की 192 फीसदी अधिक है। अंतिम रिपोर्ट नौ व्यक्तियों के खिलाफ दाखिल की गई है जिसमें भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं 109 (उकसाना), 465 (जालसाजी के लिए दंडनीय) के तहत दंडनीय आरोप लगाए गए हैं । इसमें 225 गवाहों से सवाल किए गए और 442 दस्तावेज संलग्न हैं। सीबीआई ने इसी साल 31 मार्च को यह आरोपपत्र दाखिल किया।

शिमला: हिमाचल के चौपाल क्षेत्र के गुम्मा में उत्तराखंड की एक प्राइवेट बस 800 मीटर नीचे टौंस नदी में जा गिरी। हादसे में 46 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। 10 से ज्यादा घायलों को स्‍थानीय अस्पताल ले जाया गया है। इनमें कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार उत्तराखंड की एक निजी बस में 56 से ज्यादा लोग सवार थे। ताजा सूचना के अनुसार पुलिस ने अब तक नदी से 46 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। इनमें कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर रेस्‍क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। त्यूणी एसओ के अनुसार प्राइवेट बस उत्तराखंड के विकासनगर (देहरादून) से त्यूणी जा रही थी। मगर सुबह करीब 11 बजे अचानक गुम्मा के पास बस बेकाबू होकर टौंस नदी में जा गिरी। हादसे का पता सबसे पहले स्‍थानीय लोगों को चला। इसके लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान एक व्यक्ति ने बस से छलांग लगा दी। उसे मामूली चोटें आई हैं। कई लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। हादसे में मृतकों का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। हादसा कैसे इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। बस में सवार ज्यादातर हिमाचल और उत्तराखंड दोनों जगहों के लोग सवार थे।

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य के खिलाफ धन शोधन की जांच के संबंध में एक फार्महाउस को कुर्क कर लिया है जिसका बाजार मूल्य 27 करोड़ रूपये है। एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम कानून के तहत दक्षिण दिल्ली के महरौली में स्थित फार्महाउस को कुर्क करने के अस्थायी आदेश जारी किए। इसने कहा कि इसकी बाजार कीमत 27 करोड़ रूपये है जबकि खातों में इसकी कीमत 6.61 करोड़ दिखाई गई है। यह संपत्ति ‘मैपले डेजिनेशन एंड ड्रीमबिल्ड’ के नाम पर है। ईडी की यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से सिंह, उनकी पत्नी और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति हासिल करने के मामले में आरोप पत्र दायर करने के बाद हुई है। सीबीआई ने कथित तौर पर 10 करोड़ रूपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। ईडी ने 2015 में सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार पर मुख्यमंत्री और अन्य के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून के तहत आपराधिक मामला दायर किया था।

नई दिल्ली: आय से अधिक संपत्ति मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी तथा अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इससे पहले वीरभद्र सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट से भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दायर प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने सिंह की मांग खारिज कर दी। इसके बाद दिल्ली की अदालत में वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ है। सिंह ने अपनी याचिका में अदालत से अनुरोध किया था कि वह उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (2) और 13 (1) और आईपीसी की धारा 109 के तहत सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द करने का निर्देश दे। इसके साथ ही उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि वह प्राथमिक जांच और प्राथमिकी के रिकॉर्ड तलब करे। सीबीआई ने 23 सितंबर 2015 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में सीबीआई अब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा उनकी धर्म पत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह से न केवल पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र है, वह उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। चार्जशीट दायर होने के बाद सीबीआई अतिरिक्त पूछताछ के लिए उन्हें गिरफ्तार करने की पटीशन डाल सकती है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बीते वर्ष मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की याचिका पर फैसले को सुरक्षित रख लिया था।

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