शिमला: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले इलाके में खराब मौसम के चलते लापता हुए आठ ट्रेकरों का पता चल गया है और आईटीबीपी के जवानों ने उनमें से छह को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। ये ट्रेकर करीब 70 घंटे पहले लापता हो गए थे। कुल्लू के उपायुक्त हंस राज ने बताया कि खराब मौसम से जूझते हुए आईटीबीपी टीम ने हेलीकाप्टरों में कम उंचाई पर उड़ान भरी और छह ट्रेकर को चंद्रखेनी र्दे के पास 12 हजार फुट की ऊंचाई पर देखा। इन ट्रेकर को जवानों ने वहां से निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि खराब मौसम के चलते बचाव दल को अपना अभियान समाप्त करना पड़ा। बाकी दो ट्रेकर को कल सुबह निकाल लिया जाएगा। उनके लिए पर्याप्त भोजन और कपड़े हेलीकाप्टर से गिरा दिये गए हैं। पंजाब के संत लोंगोवाल अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एसएलआईईटी) के सात छात्र और उसी संस्थान का एक पूर्व छात्र ट्रेकिंग यात्रा पर गुरुवार को नग्गर से निकले थे और वे करीब 70 घंटे पहले लापता हो गए।
इससे पहले दिन में विशेष उपकरणों से लैस 50 जवानों वाली आईटीबीपी की पांच टीमों को खराब मौसम के बावजूद तीन अलग अलग दिशाओं से चंद्रखेनी र्दे की ओर रवाना किया गया था। इसके साथ ही कुल्लू जिला प्रशासन की ओर से गठित चार बचाव दल भी चंद्रखेनी के आसपास के क्षेत्र में खोजबीन कर रहे थे। यद्यपि ये लोग इन ट्रेकर का पता नहीं लगा पाये क्योंकि उनके पैरों के निशान ताजा बर्फबारी से मिट गए थे। इससे पहले इन ट्रेकर का हेलीकाप्टर से पता लगाने का प्रयास असफल हो गया था। इन छात्रों को लेने के लिए इंजीनियरिंग कालेज की एक टीम पहले ही मनाली में है। लापता छात्रों की पहचान ठियोग के हितेंद्र शर्मा, अंबाला के चेतन चोरी और सौरभ शर्मा, गुरदासपुर के अंकुश कुमार, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रोहित कुमार, हमीरपुर के अनिल कुमार, चंबा के अक्षय कुमार बुरा और कुल्लू जिले के भरत प्रकाश के तौर पर हुई है।