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वक्फ​ बिल में धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं:रिजिजू

इटानगर: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सालों तक पूर्वोत्तर क्षेत्र की अनदेखी के लिए केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए आज (सोमवार) कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास जरूरी है। अरणाचल प्रदेश के गठन के 31 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में सिंह ने पूर्वोत्तर को एक पवित्र और देश की सबसे संपन्न जगह बताया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आजादी के इतने दशक बाद भी किसी ने इसका ध्यान नहीं रखा।’’ सिंह ने कहा, ‘‘2001 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विभाग के मंत्रालय को अलग बनाया था। इसके बाद क्षेत्र को विकास के संदर्भ में रफ्तार मिली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘लुक ईस्ट नीति’ को ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का रूप दिया है ताकि सालों की अनदेखी के बाद क्षेत्र में विकास को तेज किया जा सके।’’ वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि कंेद्र सरकार अरणाचल प्रदेश के विकास को उत्सुक है जो चीन, भूटान और म्यामां की अंतरराष्ट्रीय सीमा को साझा करते हुए रणनीतिक रूप से स्थित है। उन्होंने राज्य के चहुंओर विकास के लिए पूरे समर्थन का आश्वासन दिया। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर सिंह ने कहा कि दोनों बड़े एशियाई देशों के बीच रिश्तों में सुधार हुआ है और उन्होंने 70 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार किया है।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में आज कम तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई । राष्ट्रीय भूकंपविज्ञान केन्द्र के अनुसार भूकंप का केंद्र राज्य के कुरंग कुमेय जिले में था। भूकंप का झटका बीती देर रात एक बजकर बीस मिनट पर महसूस किया गया। कहीं से जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। रात 12 बजकर 20 मिनट पर भारत-म्यांमार सीमा पर भी 5.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कल त्रिपुरा में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था जिसे असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में महसूस किया गया।

 

इटानगर: तेजी से घटे एक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री पेमा खाडू के नेतृत्व में पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के 43 में से 33 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में अपनी सरकार का गठन किया। खांडू ने विधानसभा अध्यक्ष तेंजिंग नोरबू थोंगदोक के सामने विधायकों की परेड करायी। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के भाजपा में शामिल होने को मंजूरी दे दी। पूरा नाटकीय घटनाक्रम गुरूवार को शुरू हुआ जब पीपीए के अध्यक्ष काहफा बेंगिया ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए खांडू, उपमुख्यमंत्री चौवना मेन और पांच विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। राज्य में नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) सरकार की गठबंधन सहयोगी पीपीए ने कल टकाम पेरियो को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना था। हालांकि राजनीतिक समीकरण तब बदल गए जब शुरुआत में पेरियो को समर्थन देने वाले पीपीए के अधिकतर विधायक बाद में खांडू के खेमे में चले गए। पीपीए ने आज चार और पार्टी विधायकों- होनचुन न्गानदम, बमांग फेलिक्स, पुंजी मारा और पानी टराम को भी निलंबित कर दिया। खांडू ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश में आखिरकार कमल खिल गया। राज्य में लोग नयी सरकार के नेतृत्व में नये साल में विकास की नयी सुबह देखेंगे।’

इटानगर: अरुणाचल प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल (पीपीए) ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उप मुख्यमंत्री चोवना मेन और पांच अन्य विधायकों को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण गुरुवार देर रात प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया। पार्टी के जिन पांच विधायकों को निलंबित किया गया है, वे जेम्बी टाशी (लुमला), पासांग दोरजी सोना (मेचुका), चोव तेवा मेन (चोखाम), जिंगनू नामचोम (नामसाई) और कामलुंग मोसांग (मियाओ) हैं। पीपीए अध्यक्ष काहफा बेंगिया ने एक आदेश में कहा कि पार्टी के संविधान और 20 दिसंबर को कार्यकारी समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव के जरिए मिले अधिकार के तहत विधायकों को अस्थायी तौर पर प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। Ads by ZINC बेंगिया ने कहा कि प्रथम दृष्टया इन साक्ष्यों से वह संतुष्ट थे कि ये लोग ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों में शामिल हैं। आदेश में आगे कहा गया है कि निलंबन के साथ खांडू अब पीपीए विधायक दल के नेता नहीं रहे। उन्होंने पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खांडू की ओर से बुलाई गई किसी बैठक में शामिल नहीं हों तथा आदेश की अहवेलना करने वाले सदस्य को पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा।

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