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इटानगर: अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री कालिखो पुल की मंगलवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, कालिखो पुल घर में मृत पाए गए और उनका शव फंदे से लटकता हुआ मिला। कुछ समय के लिए अरुणाचल के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के बागी कलिखो पुल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 47 वर्षीय पुल ने अपने बेडरूम में कथित तौर पर फांसी लगा ली। उन्हें मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर मृत पाया गया। उन्होंने अभी इस आवास को खाली करना था। पुल की तीन में से एक पत्नी ने उन्हें मंगलवार सुबह घर में फंदे लटका हुआ पाया। उनकी तीन पत्नियां और चार बच्चे हैं। पुल की मौत की खबर फैलते ही सत्ताधारी और विपक्षी दलों के विधायक, दोस्त और जनता उनके बंगले की ओर रवाना हो गए। मौत के पीछे की वजहें अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। गौरतलब है कि मौजूदा सीएम पेमा खांडू से पहले कालिखो पुल ही मुख्‍यमंत्री थे। प्रदेश में कालिखो पुल ने बीजेपी की मदद से सरकार बनाई थी। पुल ने इस साल 19 फरवरी को राज्य की सत्ता की कमान संभाली थी। वह कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री रहे। जुलाई में उच्चतम न्यायालय ने नबाम तुकी की वापस बहाली कर दी। तुकी ने 10वें मुख्यमंत्री के रूप में पेमा खांडू को रास्ता दिया।

इटानगर/ शिलांग: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। अरुणाचल में बाढ़ के कारण तीन लाख लोग प्रभावित हैं। रिजिजू के साथ मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उप मुख्यमंत्री चौना मेन ने भी अरुणाचल के लोहित, नामासी और चांगलांग इलाकों का हवाई दौरा किया। तीनों जिलों में बाढ़ के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए 8० राहत शिविर लगाए गए हैं। नामासी में 3,5०० हेक्टेयर फसल बाढ़ में डूब गई है और इसके अलावा सड़कें और पुल तथा दूरसंचार अवसंरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। नामासी में बाढ़ की समीक्षा के लिए हुई बैठक में मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से बाढ़ राहत के लिए राशि तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग को भेज दिया गया है, जहां से इसे बाढ़ग्रस्त जिलों में वितरित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव शकुंतला गैमलिन को भी निर्देश दिए, जो तत्काल राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम की निगरानी के लिए हवाई दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ ही थीं। उन्होंने नामासी के उपायुक्त आर. के. शर्मा को भी बाढ़ग्रस्त इलाकों में शिविरों में रह रहे लोगों के लिए राशन की कमी की पूर्ति के लिए उचित उपाय करने के निर्देश दिए। मेघालय के बाढ़ प्रभावित इलाके में शनिवार को तीन लोग डूब गए और दो अन्य लापता हैं। डूबे लोगों में एक युवती और दो नाबालिग हैं। बाढ़ के कारण हजारों लोग अस्थायी आश्रय गृहों में शरण लिए हुए हैं।

इटानगर: मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण अरूणाचल प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति खराब होती जा रही है क्योंकि नए इलाके डूब गए हैं और सौ से ज्यादा परिवार बेघर हो चुके हैं। उपमुख्यमंत्री चाउना मीन ने बाढ़ प्रभावित जिले लोहित, नमसाई, पूर्वी सियांग, लोअर दिबांग घाटी और चांगलांग का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू के निर्देश पर मीन नयी दिल्ली से राज्य की राजधानी पहुंचे और स्थिति पर गौर किया। एक सरकारी रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने मीन से कहा कि स्थिति का आकलन करें और स्थानीय लोगों में विश्वास की भावना जगाएं। खांडू निजी तौर पर स्थिति पर निगाह बनाए हुए हैं और उन्होंने इससे पहले विधायक मोहेश चाई, चाउ झिंगनू नामचूम और लैसाम सिमाई को अपने..अपने जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए नियुक्त किया था। मीन प्रभावित इलाके के विधायकों के लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा है। उन्होंने लोगों से शांत, सावधान और सतर्क रहने के लिए कहा है और उन्हें आश्वस्त किया है कि बाढ़ प्रभावित जिले में राहत और पुनर्वास कार्य में हर तरह का सहयोग देंगे। नोआ..देहिंग नदी से पूरा लेकांग सर्ल पानी में डूब गया है जबकि समूचा नमसाई टाउनशिप और इसके आसपास के गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

इटानगर: अरूणाचल प्रदेश की चार दिन पुरानी पेमा खांडू सरकार ने आज (बुधवार) विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। 46 विधायकों ने मुख्यमंत्री के पक्ष में और विपक्षी भाजपा के 11 सदस्यों ने विरोध में मत दिया। राज्यपाल तथागत रॉय ने मंगलवार देर रात जल्दबाजी में बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में खांडू से सदन में बहुमत साबित करने को कहा था। आज सुबह उपसभापति तेनजिंग नोरबू थोंगडोक की अध्यक्षता में जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्ताव पेश किया कि ‘सदन मंत्रिपरिषद में विश्वास जाहिर करता है।’ पूर्व मुख्यमंत्री नवाब तुकी ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। ! 44 कांग्रेसी विधायकों और दो निर्दलीय सदस्यों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया। बाद में सदस्यों को संबोधित करते हुए खांडू ने नेतृत्व पर भरोसा जताने के लिए उनकी सराहना की और तुकी तथा खालिको पुल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी समुदायों का समान विकास उनका प्रथम कर्तव्य है। पूरे पूर्वोत्तर में सबसे ज्यादा समुदाय इसी राज्य में है। यहां 26 प्रमुख जनजातियां और लगभग 100 उप जनजातियां हैं। खांडू ने कहा कि वे सभी पार्टियों के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सदन के सभी सदस्यों को पर्याप्त वित्तीय ताकत दी जाएंगी ताकि वे अपने क्षेत्रों के लिए काम कर सकें और वहां विकास नजर आए।

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