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इटानगर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अरूणाचल प्रदेश को चार लेन वाली इटानगर-बंदरदेवा सड़क परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया है। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार पहले ही मंत्रालय को अवगत करा चुकी है। आज यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उप मुख्यमंत्री चौना मेन के नयी दिल्ली में गडकरी से मुलाकात करने और उन्हें राज्य की समस्याओं तथा मांगों से अवगत कराने की पृष्ठभूमि में उनका यह बयान सामने आया है। मेन ने गडकरी से अनुरोध किया कि इटानगर-बंदरदेवा मार्ग की विशेष मरम्मत के लिए निर्धारित राशि को जल्द मंजूरी दी जाए जिसके बारे में मंत्रालय को पहले ही बता दिया गया है, जिस पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने इसकी जल्द स्वीकृति के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को निर्देश भी दिया। इससे पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री मुकेश मंडाविया के हालिया राज्य दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें चार लेन वाले मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की गई थी।

नई दिल्ली: अरुणाचल की कांग्रेस सरकार एक बार फिर संकट में है. शुक्रवार को कांग्रेस के 43 और 2 निर्दलीय विधायक पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए. खास बात यह कि बागियों में वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी शामिल हैं। गौरतलब है कि दो माह पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस को राज्य में दोबारा सत्ता हासिल हुई थी। 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 44 विधायक हैं, जबकि 11 विधायक बीजेपी के हैं। इनके अलावा दो निर्दलीय विधायक भी हैं। शुक्रवार को कांग्रेस के 44 में से 43 विधायकों ने बीजेपी की सहयोगी पीपीए का दामन थाम लिया। कांग्रेस में अब केवल पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे हैं, जिससे कांग्रेस सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बागियों में अरुणाचल के वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी शामिल हैं। पेमा खांडू पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत दोरजी खांडू के बेटे हैं। खांडू ने कहा, "मैंने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करके उन्हें यह सूचना दी है कि हमने कांग्रेस का पीपीए में विलय कर दिया है। ' दरअसल कांग्रेस का अरुणाचल संकट नया नहीं है। उसने कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नाटकीय घटनाक्रम के बाद जुलाई में नबाम तुकी के स्थान पर पेमा खांडू को मुख्यमंत्री घोषित करके लंबी चली लड़ाई को जीतने में सफलता हासिल की थी। खांडू के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद दो निर्दलीयों और 45 पार्टी विधायकों के समर्थन से कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार बना ली थी

इटानगर: मेघालय के राज्यपाल वी. षणमुगानाथन ने आज (बुधवार) अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। उच्चतम न्यायालय द्वारा राज्य में कांग्रेस की सरकार बहाल किये जाने के कुछ सप्ताह के बाद राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा को 12 सितंबर को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने षणमुगानाथन को अरूणाचल प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार संभालने का आदेश दिया। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजीत सिंह ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उनके कैबिनेट सहयोगियों के अलावा नागरिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में षणमुगानाथन को पद की शपथ दिलायी। षणमुगानाथन कल यहां पहुंचे थे और इटाफोर्ट तथा जवाहरलाल नेहरू म्यूजियम का दौरा किया था।

गुवाहाटी: अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा ने यह कहते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है कि वह चाहते हैं कि राष्ट्रपति उन्हें बर्खास्त करें। उनका दावा है कि केंद्र ने उन्हें स्वास्थ्य का हवाला देकर इस्तीफा देने को कहा है। राज्यपाल ने कल गुवाहाटी के एक खबरिया टीवी चैनल से कहा, ‘मैं चाहता हूं कि राष्ट्रपति मुझे बर्खास्त करें। मैं इस्तीफा नहीं दूंगा। राष्ट्रपति को अपनी नाखुशी प्रकट करने दीजिए। सरकार को संविधान के अनुच्छेद 156 के प्रावधानों का इस्तेमाल करने दीजिए।’ उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को बहाल किये जाने और उनकी निंदा किये जाने के कई हफ्ते बाद उन्हें स्वास्थ्य के आधार पर इस्तीफा देने को कहा गया था। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी बीमारी से पूरी तरह ठीक हो गया हूं और पूर्ण रूपेण ठीक होने के बाद अपने दायित्वों को निभा रहा हूं। यदि वे चाहते हैं कि मैं पद छोड़ दूं तो प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल को इस बात की सिफारिश राष्ट्रपति को करनी होगी जो संविधान के विशेष प्रावधानों के तहत आदेश जारी करेंगे।’ राजखोवा ने कहा, ‘यहां तक कि सरकार के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी को भी यह लिखकर दिया जाना होता है।

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