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नई दिल्ली: कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (पीआरसी) के मुद्दे पर हुई हिंसा के मामले में सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर के इस शांतिप्रिय राज्य को देश का दूसरा कश्मीर बनाया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष टकम संजॉय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अरुणाचल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं देखा। चुनाव से ठीक पहले पीआरसी को लाया गया।अरुणाचल एक संवेदनशील राज्य है। वहां आम लोगों और सेना के बीच शत्रुता पैदा की गयी है।'

उन्होंने सवाल किया, ‘‘मोदी जी, आप अरुणाचल को दूसरा कश्मीर क्यों बनाना चाहते हैं? आप क्यों समस्या पैदा कर रहे हैं? कृपया ऐसा मत करिए।’’ संजॉय ने कहा, '(केन्द्रीय मंत्री किरण) रिजिजू ने कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। हम कहते हैं कि आप इसे साबित करिये।' उन्होंने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक प्रदर्शन के बाद निर्दोष निहत्थे लोगों पर गोलीबारी की गई। इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘मौजूदा समय में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री तथा सरकार के अधिकतर मंत्रियों के बारे में पता नहीं है, वे कहां हैं।

इटानगर: अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग ने भाजपा छोड़ दी है। उन्होंने कहा है कि पार्टी सत्ता पाने का मंच बन गई है। अपांग चार साल पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये थे। पूर्वोत्तर स्थित अरुणाचल प्रदेश में 22 साल तक मुख्यमंत्री रहे अपांग ने मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दो पन्नों का इस्तीफा भेजा।

उन्होंने इस्तीफा के लिए भेजे पत्र में लिखा कि वह यह देखकर निराश हैं कि वर्तमान भाजपा अब राज धर्म के सिद्धांत का पालन नहीं कर रही है बल्कि सत्ता पाने का मंच बन गयी है। पार्टी का नेतृत्व ऐसा है जो लोकतांत्रिक फैसलों के विकेंद्रीकरण से नफरत करता है। अपांग ने कहा कि भाजपा ने 2014 में कलिखो पुल को अरुणाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए हर गलत चाल अपनाई और सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के बावजूद भाजपा सरकार फिर से बनाई गयी।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) अकेले मैदान में उतरेगी। एनपीपी अभी भाजपा नेतृत्व वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (एनईडीए) का हिस्सा है। एनपीपी के अध्यक्ष और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने शु्क्रवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘एनपीपी ने एनईडीए का हिस्सा रहते हुए अरुणाचल प्रदेश में अधिक से अधिक विधानसभा सीटों पर अकेले लड़ने की योजना बनाई है।’’

एनईडीए को आर्थिक विकास की योजना बनाने का वाला एक मंच बताते हुए संगमा ने कहा कि हर पार्टी को उसकी पहचान बनाए रखने का अधिकार है, जो एनपीपी करेगी। एनपीपी अध्यक्ष ने कहा कि इसलिए अरुणाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार का हिस्सा रहने के बावजूद एनपीपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी।

बोमडीला (अरुणाचल प्रदेश): भारत-चीन युद्ध के 56 साल बाद अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीणों को उनकी जमीन के मुआवजे के तौर पर करीब 38 करोड़ रुपये मिले हैं। दरअसल, वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद सेना ने अपना बेस, बंकर, बैरक बनाने और सड़क, पुल तथा अन्य निर्माण कार्यों के लिए काफी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण किया था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को पश्चिमी खेमांग जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ग्रामीणों को मुआवजे की राशि के चैक सौंपे।

रिजिजू ने बताया कि ग्रामीणों को कुल 37.73 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह सामुदायिक भूमि थी, इसलिए उन्हें जो रकम मिली है उसे ग्रामीणों के बीच बांटा जाएगा।

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