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पणजी: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में सरकार चलाने के बावजूद आम आदमी पार्टी के पास चुनाव लड़ने के लिए धन नहीं है। रविवार शाम दक्षिण गोवा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के एक समूह को संबोधित करते हुये केजरीवाल ने कहा कि यह देखने में असामान्य लग सकता है लेकिन यह सच है कि दिल्ली में डेढ़ साल सरकार चलाने के बावजूद आप के पास चुनाव लड़ने के लिए धन नहीं है। मैं आपको अपना बैंक खाता दिखा सकता हूं। यहां तक कि पार्टी के पास भी धन नहीं है। हालांकि, आप ने पहले ही पंजाब और गोवा के आगामी चुनावों के लिए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम दिल्ली में चुनाव लड़े थे तब लोगों ने चुनाव लड़ा था। अपने बेहतर भविष्य के वास्ते लड़ने वाले हर किसी के लिए ‘आप’ एक मंच है। उन्होंने कहा कि गोवा में भी ऐसा ही होना चाहिए। यहां स्थानीय लोग चुनाव लड़ेंगे। केजरीवाल ने कहा कि अगर राज्य में ‘आप’ चुनी जाती है तो इसमें ‘आलाकमान’ की संस्कृति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गोवा में गोवावासियों की सरकार होगी। यहां तक कि चुनावी घोषणापत्र की रूपरेखा भी गोवावासी ही तय कर रहे हैं। घोषणापत्र में मैं अपना हुक्म नहीं चलाउंगा, गोवा के लोग इसका निर्णय लेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा की उनकी यात्राएं ‘केवल मुद्दों को समझने के लिए है।’

पणजी: भाजापा अध्यक्ष अमित शाह को आज (रविवार) गोवा आरएसएस प्रमुख सुभाष वेलिंगकर की अगुवाई वाले एक संगठन के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए, जो प्राथमिक स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की पैरवी कर रहा है और राज्य में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में सरकारी अनुदान रोकने की भी मांग कर रहा है। यह घटना तब हुई जब शाह यहां पास में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करने के लिए जा रहे थे। भारतीय भाषा सुरक्षा मंच (बीबीएसएम) वेलिंगकर की अगुवाई वाला संगठन है। यह अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को सरकारी अनुदान को वापस लेने की मांग कर रहा है। यह संगठन चाहता है कि गोवा में प्राथमिक स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाया जाए। इसने इसे लेकर राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू किया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में जाने के लिए जब शाह का काफिला गोवा विश्वविद्यालय रोड पहुंचा तो बीबीएसएम के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में भाजपा अध्यक्ष को काले झंडे दिखाए।

पणजी (गोवा): गोवा में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत देखने को मिला है । दरअसल राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) में यह पाया गया है कि राज्य में लगभग 94 प्रतिशत (93.8 प्रतिशत) महिलाओं की घर के फैसलों में भागीदारी होती है। एनएफएचएस आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 का एक हिस्सा है जिसे यहां चल रहे राज्य विधानसभा सत्र के दौरान पेश किया गया। हालिया सर्वेक्षण के आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि पिछले दशक से इस बार घर के फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। वर्ष 2005-06 के दैरान 91.1 प्रतिशत महिलाओं को अपने घर के फैसलों में बोलने का अधिकार था जो एनएफएचएस 2015-16 के दौरान अब बढ़कर 93.8 प्रतिशत (94.5 प्रतिशत शहरी क्षेत्र और 92.6 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र) हो गया है। इसके अलावा, तटीय राज्य में वैवाहिक हिंसा में भी कमी आई है। एनएफएचएस में यह पता चला कि 12.9 प्रतिशत महिलाओं ने वैवाहिक हिंसा की सूचना दी, जबकि इससे पहले के दशक में 16.8 प्रतिशत महिलाओं ने ऐसी सूचना दी थी। इसके अतिरिक्त, राज्य में 33.9 प्रतिशत महिलाओं के पास अपना खुद का घर है या अन्य के साथ संयुक्त रूप से घर पर मालिकाना हक है।

पणजी: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शनिवार को दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गैर-पंजीकृत संस्था है और उसे वार्षिक रूप से मिलने वाले धन, विशेष रूप से ‘गुरू पूर्णिमा को’, की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा। समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘एक गैर पंजीकृत संगठन को प्रतिबंधित करने का कोई सवाल ही नहीं है.. आपने बार-बार आरएसएस को प्रतिबंधित करने की मांग की है, आपको पता है आरएसएस पंजीकृत संगठन नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘वे (आरएसएस) गुरू पूर्णिमा को बड़ी राशि एकत्र करते हैं, जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता। गुरू दक्षिणा के रूप में आरएसएस को कितना धन मिलता है? उसका क्या कभी कोई हिसाब लिया गया है?’ दिग्विजय ने कहा, ‘क्योंकि गैर-पंजीकृत संगठन आरएसएस किसी अधिनियम के तहत नहीं आता है। यह धन कहां जाता है? इसका खुलासा आरएसएस को करना चाहिए।’ गुजरात के उना में मृत गाय की चमड़ी उतारने पर दलितों की पिटाई के मामले पर सवाल करने पर, दिग्विजय ने दावा किया कि हमले के लिए जिम्मेदार संगठन भी पंजीकृत नहीं है और उसके सदस्य ‘स्थानीय पुलिस की शह से धन उगाहने वाले गुंडे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप ऐसे संगठन को कैसे प्रतिबंधित कर सकते हैं? पंजीकृत संगठन कहां हैं?

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