पणजी: भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद अपने रिश्तेदार दिलीप मालवंकर को फिर बहाल करने को लेकर विपक्ष की तरफ से गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर की आलोचना में आज आम आदमी पार्टी भी शामिल हो गयी और उसने घटनाक्रम को ‘‘कानून की हत्या’’ बताया। सरकारी गोवा औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) में वरिष्ठ अधिकारी मालवंकर को अगस्त 2015 में निलंबित कर दिया गया था। भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने घूस लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा था। राज्य आप इकाई ने पारसेकर को लिखे एक पत्र में कहा है, ‘‘यह गोवा के लोगों के मुंह पर तमाचा है जिन्होंने भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के वादे पर भाजपा को वोट दिया था। आप सरेआम कानून की हत्या नहीं होने देगी।’’ कांग्रेस , राकांपा और गोवा फारवर्ड पहले ही भ्रष्टाचार को कतई सहन नहीं करने के चुनाव पूर्व वायदे से हटने के लिये सरकार पर हमला कर चुके हैं ।
उन्होंने मामले में हस्तक्षेप के लिये राज्यपाल मृदुला सिंहा से अनुरोध करने की धमकी दी है ।