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पणजी: भाजापा अध्यक्ष अमित शाह को आज (रविवार) गोवा आरएसएस प्रमुख सुभाष वेलिंगकर की अगुवाई वाले एक संगठन के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए, जो प्राथमिक स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की पैरवी कर रहा है और राज्य में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में सरकारी अनुदान रोकने की भी मांग कर रहा है। यह घटना तब हुई जब शाह यहां पास में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करने के लिए जा रहे थे। भारतीय भाषा सुरक्षा मंच (बीबीएसएम) वेलिंगकर की अगुवाई वाला संगठन है। यह अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को सरकारी अनुदान को वापस लेने की मांग कर रहा है। यह संगठन चाहता है कि गोवा में प्राथमिक स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाया जाए। इसने इसे लेकर राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू किया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में जाने के लिए जब शाह का काफिला गोवा विश्वविद्यालय रोड पहुंचा तो बीबीएसएम के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में भाजपा अध्यक्ष को काले झंडे दिखाए।

पणजी (गोवा): गोवा में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत देखने को मिला है । दरअसल राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) में यह पाया गया है कि राज्य में लगभग 94 प्रतिशत (93.8 प्रतिशत) महिलाओं की घर के फैसलों में भागीदारी होती है। एनएफएचएस आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 का एक हिस्सा है जिसे यहां चल रहे राज्य विधानसभा सत्र के दौरान पेश किया गया। हालिया सर्वेक्षण के आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि पिछले दशक से इस बार घर के फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। वर्ष 2005-06 के दैरान 91.1 प्रतिशत महिलाओं को अपने घर के फैसलों में बोलने का अधिकार था जो एनएफएचएस 2015-16 के दौरान अब बढ़कर 93.8 प्रतिशत (94.5 प्रतिशत शहरी क्षेत्र और 92.6 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र) हो गया है। इसके अलावा, तटीय राज्य में वैवाहिक हिंसा में भी कमी आई है। एनएफएचएस में यह पता चला कि 12.9 प्रतिशत महिलाओं ने वैवाहिक हिंसा की सूचना दी, जबकि इससे पहले के दशक में 16.8 प्रतिशत महिलाओं ने ऐसी सूचना दी थी। इसके अतिरिक्त, राज्य में 33.9 प्रतिशत महिलाओं के पास अपना खुद का घर है या अन्य के साथ संयुक्त रूप से घर पर मालिकाना हक है।

पणजी: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शनिवार को दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गैर-पंजीकृत संस्था है और उसे वार्षिक रूप से मिलने वाले धन, विशेष रूप से ‘गुरू पूर्णिमा को’, की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा। समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘एक गैर पंजीकृत संगठन को प्रतिबंधित करने का कोई सवाल ही नहीं है.. आपने बार-बार आरएसएस को प्रतिबंधित करने की मांग की है, आपको पता है आरएसएस पंजीकृत संगठन नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘वे (आरएसएस) गुरू पूर्णिमा को बड़ी राशि एकत्र करते हैं, जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता। गुरू दक्षिणा के रूप में आरएसएस को कितना धन मिलता है? उसका क्या कभी कोई हिसाब लिया गया है?’ दिग्विजय ने कहा, ‘क्योंकि गैर-पंजीकृत संगठन आरएसएस किसी अधिनियम के तहत नहीं आता है। यह धन कहां जाता है? इसका खुलासा आरएसएस को करना चाहिए।’ गुजरात के उना में मृत गाय की चमड़ी उतारने पर दलितों की पिटाई के मामले पर सवाल करने पर, दिग्विजय ने दावा किया कि हमले के लिए जिम्मेदार संगठन भी पंजीकृत नहीं है और उसके सदस्य ‘स्थानीय पुलिस की शह से धन उगाहने वाले गुंडे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप ऐसे संगठन को कैसे प्रतिबंधित कर सकते हैं? पंजीकृत संगठन कहां हैं?

पणजी: कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज (शनिवार) दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को केंद्र और राज्य सरकार (मध्यप्रदेश) द्वारा जारी की गई बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की सूची में शामिल कर दिया गया था। दिग्विजय ने कहा, ‘मध्यप्रदेश सरकार (जीओएमपी) और भारत सरकार (जीओआई) ने मेरा नाम, मेरे बेटे का नाम बीपीएल की सूची में डाल दिया था। हम सभी कर अदा करते हैं।’ दिग्विजय ने आज सुबह गोवा में होने वाली स्थानीय कांग्रेस इकाई की समन्वय समिति की बैठक के लिए जाने से पूर्व इस मुद्दे पर ट्वीट किया। राजनेता ने ट्वीट किया, ‘हमने बीपीएल के अधीन मिलने वाले लाभों को पाने के लिए कभी कोई आवेदन नहीं दिया। यह मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिश है।’ सिंह ने आगे लिखा, ‘इसके लिए जो भी जिम्मेदार है उन्हें माफी मांगनी चाहिए और उन्हें सजा भी दी जानी चाहिए।’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्थानीय पार्टी इकाई की समन्वय समिति बैठक की अध्यक्षता करने के लिए गोवा पहुंच रहे हैं।

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