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पटना (जनादेश ब्यूरो): पुलिस ने सोमवार (6 जनवरी) सुबह के चार बजे जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर को हिरासत में ले लिया। वो बीपीएससी परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। पुलिस ने गांधी मैदान में उस जगह को खाली करा दिया है, जहां पर जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस संबंध में जन सुराज की तरफ से कहा गया है कि प्रशांत किशोर को पुलिस 'एम्स' लेकर गई है। उन्हें सभी लोगों से अलग कर दिया गया है। प्रशांत किशोर ने किसी भी तरह का इलाज कराने से मना कर दिया है और अपना अनशन जारी रखा है।

"प्रशांत किशोर को' पुलिस ने जबरन उठाया, खाली कराया गया गांधी मैदान"

इस संबंध में जन सुराज की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि पुलिस जबरन प्रशांत किशोर को उठा कर ले गई। पुलिस प्रशांत किशोर को लेकर एम्स गई है। पटना पुलिस ने गांधी मैदान से निकलने वाले वाहनों की जांच की, जहां पर प्रशांत किशोर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्हें सभी लोगों से अलग कर दिया गया है।

पटना (जनादेश ब्यूरो): जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर बीपीएससी छात्रों के समर्थन में 48 घंटे से अधिक समय से आमरण अनशन पर हैं। आज शाम साढ़े आठ बजे पटना के मेडिवेरसल हॉस्पिटल के प्रसिद्ध डॉक्टर अविनाश ने उनके स्वास्थ्य की जांच की। स्वास्थ्य जांच के बाद डॉक्टर ने मीडिया को बताया कि उन्हें डिहाइड्रेशन हो रहा है। हम लोगों ने उन्हें 2-3 लीटर पानी पीने की सलाह दी है। साथ ही ठंड के मौसम में उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

डॉक्टर अविनाश ने बताया कि उनके गले में थोड़ा खराश है, जिसके लिए हमने उन्हें गार्गलिंग करने को कहा है। बाकी उनका स्वास्थ्य अभी ठीक है, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है। दरअसल आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर का हेल्थ चेकअप किया गया है। प्रशांत किशोर ने डॉक्टर को बताया कि उनके गले में खराश है। डॉक्टर ने कहा कि प्रशांत किशोर को डिहाइड्रेशन हो रहा है और उन्हें पानी लगातार पीना चाहिए। उनका शुगर लेवल भी कम है, हालांकि अभी वह नॉर्मल है डॉक्टर का करना है कि ठंड में लगातार बैठना या सोना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

पटना (जनादेश ब्यूरो): बीपीएससी के अभ्यर्थियों का साथ देने के लिए प्रशांत किशोर उनके साथ आये थे। अभ्यर्थियों के साथ मिलकर आंदोलन भी किया, जिस वजह से पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज भी किये थे। यहां तक कि पटना पुलिस ने उनपर प्राथमिकी भी दर्ज की। अब वह गांधी मैदान के बापू स्थल पर अपने समर्थकों और अभ्यर्थियों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गये हैं।

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को ही इस बात की घोषणा की थी कि अगर सरकार बीपीएससी परीक्षा को रद्द नहीं करती है तो वह आमरण अनशन शुरू कर देंगे। इस संबंध में प्रशांत किशोर ने कहा कि "मेरी मांगों में परीक्षा रद्द करना और नए सिरे से परीक्षा आयोजित करना है। उन्होंने कहा कि मैं उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करता हूं जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षाओं से भरे जाने वाले पदों को बिक्री के लिए रखा था।

पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किये जाने के बाद सरकार ने बात करने कम लिए बुलाया था। फिर प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से मुलाकात की।

पटना (जनादेश ब्यूरो): बिहार में इन दिनों बीपीएससी अभ्यर्थियों का मुद्दा गरमाया हुआ है। मंगलवार को अभ्यर्थियों की मांग के समर्थन में वामपंथी और कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को राजभवन तक मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। सीपीआई-एमएल नेता और आरा से सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा, "वाम दल और कांग्रेस के विधायक दल के नेता राजभवन तक मार्च के लिए निकले हैं। हम राज्यपाल को ज्ञापन देंगे कि बीपीएससी परीक्षा का जो प्रश्नपत्र लीक हुआ, उसकी अच्छे से जांच हो और पुनर्परीक्षा कराई जाए। सोनू कुमार जिसने आत्महत्या की है, उसके परिजनों को बेहतर मुआवजा दिया जाए। प्रश्नपत्र लीक कराने में जो भी अधिकारी दोषी हैं, उनको कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

भाकपा-माले से विधायक महबूब आलम ने कहा कि बीपीएससी अभ्यर्थियों की जो पिटाई हो रही है, उसको हम देख नहीं सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि सरकार बीपीएससी परीक्षा रद्द करके दोबारा इसका आयोजन करे। कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने कहा, "यहां पर न्याय की बात नहीं हो रही है।

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