नई दिल्ली: लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक, 2024 पास कर दिया गया है। सदन में बिल के पक्ष में कुल 128 वोट और विपक्ष में 95 वोट पड़े। अब इसको लेकर कई राजनेताओं ने विरोध जताया है।
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सरकार पर हमला बोला है। अभिषेक सिंघवी ने कहा,अगर वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को चुनौती दी गई तो न्यायपालिका इसे 'असंवैधानिक'घोषित कर सकती है।
'न्यायपालिका इसे असंवैधानिक घोषित कर देगी'
अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा, 'उन्होंने बहुमत का दुरुपयोग किया है और बिल को थोपा गया है। अगर बिल को चुनौती दी जाती है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि न्यायपालिका इसे असंवैधानिक घोषित कर देगी।'
वहीं इसको लेकर डीएमके सांसद एम एम अब्दुल्ला का कहना कि यह लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के लिए 'काला दिन' है। अब्दुल्ला ने कहा, 'हमने अपनी एकजुटता और अपनी ताकत दिखाई है। मुख्यमंत्री (एमके स्टालिन) पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह इसे अदालत में ले जाएंगे।'
सपा सांसद ने की टिप्पणी
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा, 'सरकार के पास संख्याबल होने के कारण बिल पारित हो गया है...उनकी मंशा ठीक नहीं है... 'संसद ने मैराथन और गरमागरम बहस के बाद शुक्रवार की सुबह वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया।
संसद में 'मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024' भी पारित हो गया है। विधेयक पारित करने के लिए सदन आधी रात से भी अधिक समय तक बैठा रहा। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्रवाई की और कहा, 'हां में 128 और नहीं में 95। विधेयक पारित हो गया है।'
क्या बोले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू?
वहीं केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर वक्फ संशोधन विधेयक पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय के करोड़ों लोगों को फायदा होगा।