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शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग में जनजीवन सामान्य होने के बाद मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस बीच शहर के 13 तनावग्रस्त क्षेत्रों में कर्फ्यू में सुबह पांच बजे से रात के आठ बजे तक 15 घंटों की ढील दी गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव(गृह) एम.एस. राव ने कहा, 'शिलांग शहर के हिंसाग्रस्त इलाके में जनजीवन सामान्य होने के बाद पूर्वी मेघालय के खासी-जयंतियां पहाड़ी क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है।'
यहां 31 मई को शहर के मोटफरान क्षेत्र में पुलिस और भीड़ के बीच हिंसक झड़प के बाद मोबाइल सेवा पर पाबंदी लगा दी गई थी और जिला प्रशासन ने शहर के 13 तनावग्रस्त इलाके में कर्फ्यू और अन्य पाबंदियां लगा दी थी। यहां स्वीपर लेन में पंजाबियों और खासी समुदाय के स्थानीय लोगों के बीच झड़प की वजह से माहौल तनावग्रस्त हो गया था।
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शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग के किसी भी हिस्से से पिछले 24 घंटे के दौरान हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आने के बाद गुरूवार को 14 (हिंसा) संभावित क्षेत्रों में सात घंटे के लिए कर्फ्यू में ढ़ील दी गयी। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पूरे शहर में कर्फ्यू में ढील देने की संभावना का परीक्षण कर रहा है। ईस्ट खासी हिल्स के जिला उपायुकत पी एस दखार ने मीड़िया को बताया, ‘‘लुमडिंगजरी थानाक्षेत्र और कैंटोनमेंट बीट हाऊस के 14 प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू में आज सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक के लिए ढ़ील दी गयी।’’
उन्होंने कहा, लेकिन मोबाइल इंटरनेट और संदेश सेवाएं एहतियात के तौर पर अब भी निलंबित हैं। कल भी प्रशासन ने शहर के इन हिंसा संभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू में कुछ समय के लिए ढील दी थी। राज्यपाल गंगा प्रसाद ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। शिलांग 29 मई से हिंसा की चपेट में है। उससे पहले शहर के पंजाब लेन इलाके , जिसे स्वीपर कॉलोनी भी कहा जाता है , में सिख बाशिंदों और सरकारी बसों के खासी ड्राइवरों के बीच झड़प हुई थी। हिंसा के मद्देनजर पूरे शहर में भारी सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है।
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नई दिल्ली: मेघालय की राजधानी शिलांग के हिंसा प्रभावित इलाकों में मंगलवार को भी कर्फ्यू जारी रहा, जबकि इंटरनेट व मोबाइल टेलीफोन पर रोक बरकरार है। हालांकि, हालात में सुधार दिख रहा है। ईस्ट खासी हिल्स के उपायुक्त पी.एस.दखार ने कहा, "मंगलवार को हमने कर्फ्यू में ढील नहीं देने का निर्णय लिया है, हालांकि इलाके में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं।' एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'सेना अभी भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं और 10 अतिरिक्त कंपनियां शिलांग में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस की सहायता के लिए आ रही हैं।' दखार ने सोमवार को कहा था कि रात का कर्फ्यू पूरे शिलांग शहर में जारी रहेगा। ऐसा शहर के दूसरे हिस्सों में अशांति फैलने के डर के वजह से किया गया था। अवैध रूप से पेट्रोल व डीजल की बिक्री पर रोक है।
मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि सरकार ने उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तेनसांग की अध्यक्षता में सफाईकर्मियों की कॉलोनी के स्थानांतरण के लंबित मामले के स्थायी समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है।
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शिलांग, सेना ने मेघालय की राजधानी शिलांग में फिर हिंसा भड़कने के बाद सोमवार को फ्लैग मार्च किया। वहां अधिकारियों ने फिर से कर्फ्यू लगा दिया है। यह कदम रविवार रात सीआरपीएफ के शिविर पर प्रदर्शनकारियों के हमला करने के बाद उठाया गया। शिलांग में सीआरपीएफ की 15 से अधिक कंपनियां (प्रत्येक कंपनी में 100 जवान) तैनात की गई हैं। केंद्र ने शहर में शांति बहाल करने के लिये अर्द्धसैनिक बलों की 10 अतिरिक्त कंपनियां भी सोमवार को भेजीं। वहां लगातार चौथे दिन स्थानीय आदिवासियों और पंजाबियों के बीच झड़प के बाद सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
आठ घंटे के लिए रविवार को कर्फ्यू में ढील दिये जाने के बाद रविवार रात नये सिरे से संघर्ष हुआ। इसके बाद पुलिस को भीड़ को शांत करने के लिये आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रविवार रात मवलाई में सीआरपीएफ शिविर पर पथराव किया। यह शिविर जयाव लुमसिंथ्यू इलाके के ठीक नीचे है। सीआरपीएफ के आईजी प्रकाश डी ने कहा कि सीआरपीएफ के तीन जवानों को मामूली चोट आई और शिविर में ही उनका उपचार हुआ। उन्होंने कहा, 'फिलहाल उनकी जान को खतरा नहीं है और शिविर में संपत्ति को क्षति पहुंचने की कोई सूचना नहीं है।'
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