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लुम्थारी (मेघालय): कोयले की 370 फुट गहरी खदान में फंसे 15 खनिकों को बचाने के लिए रविवार को शुरू किए गए अभियान का कुछ खास नतीजा नहीं निकला। भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान की तल तक नहीं पहुंच सके। इन गोताखोरों का बचावदल खदान में जलस्तर का पता लगाने के लिए उसके भीतर घुसा था। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 

अधिकारियों ने बताया कि नौसैन्य दल के नेता लेफ्टिनेंट कमांडर संतोष खेतवाल के खदान में पानी की सतह तक जाने के बाद संयुक्त अभियान शुरू किया गया। इससे पहले खेतवाल ने गोताखोरों को भेजने से पहले स्थिति का आकलन किया था। इस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक सिल्वेस्टर नोंगटियर ने कहा कि नौसेना और एनडीआरएफ के छह गोताखोर खदान में उतरे। वे करीब 80 फीट की गहराई तक गए, जहां उन्होंने करीब दो घंटे तक खनिकों की तलाश की। नौसैन्य अधिकारियों के अनुसार, खदान में सतह से पानी की गहराई संभवत: 150 फीट से भी अधिक है। एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट, संतोष कुमार ने कहा कि गोताखोर खनिकों का पता लगाने के लिए सोमवार को फिर से खदान में उतरेंगे।

खलीहृयत: मेघालय में एक कोयला खदान में बाढ़ में 13 दिसम्बर से फंसे 15 खनिकों को बचाने के अभियान में शनिवार को खनिकों के हेलमेट्स मिले है और एनडीआरएफ ने उनकी फोटो जारी की है। 18वें दिन एनडीआरएफ ने कहा कि फिलहाल उन्हें 3 हेलमेट मिले हैं। वहीं नौसेना के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा कि आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम से 15 सदस्यीय गोताखोर टीम शनिवार की सुबह पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले के सुदूरवर्ती लुम्थारी गांव पहुंचेगी।

पंप निर्माता कंपनी किर्लोस्कर बदर्स लिमिटेड और कोल इंडिया ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से मेघालय के उस सुदूरवर्ती कोयला खदान के लिये 18 हाई पावर पंप रवाना किये हैं, जहां 15 खनिक फंसे हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वायुसेना ने भुवनेश्वर से विमान के जरिये 10 पंप पहुंचाए। इस बीच भुवनेश्वर से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार ओडिशा दमकल सेवा की 20 सदस्यीय टीम उपकरणों के साथ शुक्रवार को शिलांग के लिये रवाना हो गयी। उपकरणों में हाई पावर पंप, हाईटेक उपकरण और तलाशी एवं बचाव अभियान में स्थानीय प्रशासन के लिये मददगार कई गैजेट शामिल हैं।

खलीहृयत (मेघालय): मेघालय में एक कोयला खदान में बाढ़ में 13 दिसम्बर से फंसे 15 खनिकों को बचाने के अभियान में शनिवार को भारतीय नौसेना भी शामिल होगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। नौसेना के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा कि आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम से 15 सदस्यीय गोताखोर टीम शनिवार की सुबह पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले के सुदूरवर्ती लुम्थारी गांव पहुंचेगी। उन्होंने कहा,''यह टीम विशेष रूप से डाइविंग उपकरण ले जा रही है, जिसमें पानी के भीतर खोज करने में रिमोट संचालित वाहन शामिल हैं।

पंप निर्माता कंपनी किर्लोस्कर बदर्स लिमिटेड और कोल इंडिया ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से मेघालय के उस सुदूरवर्ती कोयला खदान के लिये 18 हाई पावर पंप रवाना किये हैं, जहां 15 खनिक फंसे हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वायुसेना ने भुवनेश्वर से विमान के जरिये 10 पंप पहुंचाये। इस बीच भुवनेश्वर से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार ओडिशा दमकल सेवा की 20 सदस्यीय टीम उपकरणों के साथ शुक्रवार को शिलांग के लिये रवाना हो गयी।

शिलांग: कोयला खदान में फंसे 15 खनिकों को बचाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसने के बाद मेघालय में सत्तारूढ़ एनपीपी-भाजपा ने कहा कि राज्य सरकार उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रमुख ने कहा है कि मेघालय में 13 दिसंबर से 15 खनिक खदान में फंसे हुए हैं, उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है और वह असम के बोगीबील पुल पर तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने बोगीबील पुल का उद्घाटन किया था।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने गांधी की टिप्पणियों का जिक्र किए बगैर कहा कि कोई लापरवाही नहीं है। प्रशासन और एनडीआरएफ ने खनिकों का पता लगाने में बहुत मेहनत की है लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अभी तक खान से 12 लाख लीटर पानी बाहर निकाला गया है, लेकिन ऐसा मालूम होता है कि पूरी नदी ही खान के भीतर घुस गई है।

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