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नई दिल्ली: मेघालय के गवर्नर वी. षणमुगनाथन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राजभवन सूत्रों के मुताबिक मेघालय की स्थानीय मीडिया में कथित यौन उत्पीड़न की खबरें आने के बाद बढ़े विवाद के चलते वी. षणमुगनाथन ने इस्तीफा दिया है। इन खबरों में उन्हें यौन दुर्व्यवहार का आरोपी बताया जा रहा था। इन रिपोर्ट्स में एक महिला के बयान का उल्लेख था, जो नौकरी के लिए राज्यपाल ऑफिस आई थी। बाद में पिछले हफ्ते गवर्नर हाउस के कर्मचारियों ने एक पत्र प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा, जिसमें राज्यपाल को 'दफ्तर की गरिमा से समझौता' करने का आरोपी बताया गया। हालांकि अरुणाचल प्रदेश का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राज्यपाल वी. षणमुगनाथन ने मीडिया के आरोपों को खारिज किया, लेकिन अपने कर्मचारियों के आरोपों पर उन्होंने अभी तक कुछ नहीं कहा है। शिलॉन्ग टाइम्स के साथ बातचीत में राज्यपाल ने गुरुवार को कहा, 'ये सारी चीजें ठीक नहीं हैं.. हमने केवल एक व्यक्ति को चुना। जिनका चुनाव नहीं हुआ उन्हें ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए।' राजभवन को 'युवतियों का क्लब' बनाने का आरोप एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नर हाउस के 98 कर्मचारियों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा, यह पत्र सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है। अमर उजाला इस पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। हालांकि इस पत्र में राज्यपाल के खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि राज्यपाल ने अपना काम करने के लिए सिर्फ महिलाओं का चयन किया है और निजी सचिव पुरुष अधिकारी को अपने सचिवालय भेज दिया है।

शिलांग: दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले के मावटेन गांव में 7 नाबालिग लड़कों ने 11 साल की एक लड़की के साथ कम से कम दो बार कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने आज कहा कि लड़की के साथ पहली बार पिछले साल दिसंबर में गांव के धान के खेतों में सामूहिक बलात्कार किया गया और दूसरी बार उसके घर पर 13 जनवरी को यह कुकर्म हुआ। एक वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने छह आरोपियों को हिरासत में लिया है। ये सभी लड़की के गांव के हैं और 14 से 16 वर्ष आयुवर्ग के हैं।’ उन्होंने कहा कि लड़की के परिजनों द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने भादंसं की धारा 376 (जी) (सामूहिक बलात्कार) तथा पाक्सो कानून के प्रावधानों के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है और उन्हें किशोर सुधार गृह में भेजा गया है। गृह विभाग के अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार, पिछले साल मेघालय में बच्चों के खिलाफ बलात्कार के 22 तथा पाक्सो के 101 मामले दर्ज किये गये थे।

शिलांग: एक 14 साल की नाबालिग लड़की से जुड़े सेक्स रैकेट के मामले में वांछित मेघालय के निर्दलीय विधायक जूलियस दोरफांग को असम से गिरफ्तार किया गया है। विधायक की गिरफ्तारी ‘लुक आउट नोटिस’ जारी करने के एक दिन बाद हुआ। राज्य पुलिस ने पड़ोसी राज्यों की पुलिस से विधायक की तलाश में मदद मांगी थी। पूर्वी खासी पर्वतीय जिले के पुलिस अधीक्षक एम खारकरंग ने बताया, ‘‘हमने दोरफांग को गिरफ्तार कर लिया है और यहां ले आए हैं। अब उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा।’’ खारकरंग ने इस बाबत ज्यादा जानकारी नहीं दी कि आरोपी विधायक कहां छिपे थे। दोरफांग को पकड़ने के लिए पुलिस ने राज्य सहित असम के कई जगहों पर छापे मारे, जहां वह कल सुबह तक आते जाते रहे थे। बहरहाल, ये छापेमारी नाकाम रहीं। दोरफांग एक सशस्त्र संगठन के सह संस्थापक भी रह चुके हैं। उन्होंने 2007 में आत्मसमर्पण कर दिया था। सेक्स रैकेट का मामला तब सामने आया जब पिछले महीने 14 वर्षीय एक नाबालिग लड़की की तस्करी के मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राज्य के गृह मंत्री एचडीआर लिंगदोह के बेटे के स्वामित्व वाले एक अतिथि गृह के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता को पुलिस ने अतिथि गृह के निकट से बचाया था। पीड़िता ने पुलिस स्टेशन में उन सभी लोगों के नाम बताए जो उसका यौन शोषण कर रहे थे।

शिलांग: पूर्वोत्तर के राज्यों में रविवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मापी गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। क्षेत्रीय भूकंप केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप का केंद्र मेघालय के पश्चिम खासी जिले में था। भूकंप के झटके सुबह 7.27 बजे महसूस किए गए। पूर्वोत्तर के सभी सात राज्य- असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर- भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है। यह भूकंप की दृष्टि से दुनिया का छठा संवेदनशील क्षेत्र है।

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