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ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नबाम टुकी ने शुक्रवार को कार्यवाहक राज्यपाल तथागत रॉय से मुलाकात की। उन्होंने अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से 10 दिन का समय मांगा है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद टुकी ने कहा कि उन्होंने बहुमत साबित करने के लिए और समय मांगा है। आज शाम तक वह राज्यपाल के जवाब का इंतजार करेंगे। कार्यवाहक राज्यपाल तथागत रॉय ने टुकी को 16 जुलाई तक बहुमत साबित करने के लिए कहा था। राज्यपाल ने गुरुवार को टुकी से कहा कि वह विधानसभा की बैठक बुलायें और बहुमत साबित करें। रॉय ने साथ ही कहा कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और उचित तरीके से संचालित हो। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी करायी जाये और बहुमत ध्वनिमत के आधार पर नहीं बल्कि मत विभाजन के आधार पर साबित किया जाना चाहिए। राजभवन से जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस संबंध में विधानसभा सचिवालय को भी सूचना दे दी गयी है।

इटानगर: सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में बहाल किए गए नबाम तुकी से राज्यपाल ने 16 जुलाई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा। हालांकि तुकी ने कहा कि उन्हें सदन में बहुमत साबित करने के लिए कुछ और वक्त चाहिए। अपने कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह कार्यकारी राज्यपाल तथागत राय से प्रस्तावित शक्ति परीक्षण टालने का अनुरोध करेंगे क्योंकि यह इतने कम समय में संभव नहीं है। राज्यपाल ने एक संदेश में तुकी को सूचित किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कल ही तत्काल बहाल कर दिया गया। उन्होंने उनसे विधानसभा का सत्र तत्काल बुलाने और 16 जुलाई तक अपना बहुमत साबित करने को कहा। कांग्रेस सरकार की अगुवाई करने वाले तुकी की सरकार जनवरी में राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा की विवादास्पद भूमिका के बाद गिर गयी थी। इस संदेश में कहा गया है कि शांतिपूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए विश्वास मत हासिल करने की कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जानी चाहिए तथा बहुमत ध्वनिमत से नहीं बल्कि मत-विभाजन से साबित किया जाना चाहिए। राजभवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार तथागत राय ने इस बात पर बल दिया कि सदन में वीडियोग्राफी समेत पूरी कार्यवाही केंद्र सरकार बनाम हरीशचंद्र सिंह रावत मामले में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट के छह मई के आदेश के निर्धारित मापदंड के अनुसार ही होनी चाहिए। विज्ञप्ति के अनुसार इस आशय का नोट विधानसभा सचिवालय को भेज दिया गया है। तुकी आज शाम यहां पहुंचे।

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने अहम फैसला सुनाते हुए केंद्र की भाजपा सरकार को बड़ा झटका दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार बहाल करते हुए राष्ट्रपति शासन रद्द कर दिया। कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार देर रात नबाम तुकी ने मुख्यमंत्री के रूप में कामकाज संभाल लिया। 26 जनवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू था। गौरतलब है कि इसी साल मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए राष्ट्रपति शासन को हटा दिया था। यह पहला मौका है जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी पुरानी सरकार को बहाल किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम घड़ी की सुइयां वापस कर सकते हैं। कोर्ट ने राज्य में 15 दिसंबर 2015 वाली स्थिति बरकार रखने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गर्वनर को विधानसभा बुलाने का अधिकार नहीं था। यह गैरकानूनी था। 15 दिसंबर 2015 के बाद से सारे एक्शन रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि जस्टिस जे एस खेहर, जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस मदन लोकुर ने अलग अलग फैसले सुनाए। सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि क्या राज्यपाल को यह अधिकार है कि वह स्वत संज्ञान लेकर विधानसभा का सत्र बुला सकता है या नहीं। नबाम तुकी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार इस फैसले पर बहुत खुश है। तुकी ने कहा, कोर्ट में हम लोगों की जीत हुई है। यह पूछे जाने पर कि विधायकों की शिकायत थी कि राहुल गांधी मुलाकात का वक्त नहीं देते और वे अलग थलग महसूस करते हैं, उन्होंने कहा- राहुल गांधी जनता के नेता हैं और वह उनसे भी मिल थे। उन्होंने गलत बोला था।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कामेंग जिले में शुक्रवार सुबह हुए एक भूस्खलन में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पांच शव निकाले जा चुके हैं और अन्य शवों को निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिले के एक अधिकारी ने कहा, 'दो दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण लगता है यह भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन में मारे गए लोग एक छोटी पहाड़ी के नीचे निवास करते थे, जो ढह गई और उसमें 10 लोग दफन हो गए।' कई लोगों के लापता होने की खबर है। बचाव कार्य जारी है। पुलिस अधीक्षक जिला मुख्यालय से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश ने असम से लगे इस शहर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल जे.पी. राजखोवा ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए एक-एक लाख रुपये अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

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