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इटानगर: अरूणाचल प्रदेश की चार दिन पुरानी पेमा खांडू सरकार ने आज (बुधवार) विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। 46 विधायकों ने मुख्यमंत्री के पक्ष में और विपक्षी भाजपा के 11 सदस्यों ने विरोध में मत दिया। राज्यपाल तथागत रॉय ने मंगलवार देर रात जल्दबाजी में बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में खांडू से सदन में बहुमत साबित करने को कहा था। आज सुबह उपसभापति तेनजिंग नोरबू थोंगडोक की अध्यक्षता में जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्ताव पेश किया कि ‘सदन मंत्रिपरिषद में विश्वास जाहिर करता है।’ पूर्व मुख्यमंत्री नवाब तुकी ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। ! 44 कांग्रेसी विधायकों और दो निर्दलीय सदस्यों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया। बाद में सदस्यों को संबोधित करते हुए खांडू ने नेतृत्व पर भरोसा जताने के लिए उनकी सराहना की और तुकी तथा खालिको पुल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी समुदायों का समान विकास उनका प्रथम कर्तव्य है। पूरे पूर्वोत्तर में सबसे ज्यादा समुदाय इसी राज्य में है। यहां 26 प्रमुख जनजातियां और लगभग 100 उप जनजातियां हैं। खांडू ने कहा कि वे सभी पार्टियों के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सदन के सभी सदस्यों को पर्याप्त वित्तीय ताकत दी जाएंगी ताकि वे अपने क्षेत्रों के लिए काम कर सकें और वहां विकास नजर आए।

मुख्यमंत्री ने सदस्यों से बीती बातों को दफन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे अपने सभी मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करेंगे और जिनका प्रदर्शन ठीक नहीं होगा उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। खांडू ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी विधायकों को ‘टीम अरूणाचल’ के तौर पर तैयार करूंगा और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करूंगा।’ राज्य में जारी राजनीतिक उथल पुथल के दौर के बाद 17 जुलाई को खांडू ने राज्य के नौंवे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी।

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