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गुवाहाटी: बाढ़ प्रभावित असम में पिछले नौ दिनों में जापानी बुखार यानी जापानी इंसेफेलाइटिस से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और 82 व्यक्ति संक्रमित हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अधिकारियों से जिला रैपिड रिस्पांस टीमों (डीआरआरटी) का गठन करने और हालात पर निरंतर नजर रखने के लिए कहा है।

जापानी इंसेफेलाइटिस और मलेरिया हर साल असम में कई लोगों की जान लेते हैं। विशेष रूप से मानसून के दौर और बाढ़ के दौरान यह प्रकोप फैलता है। आम तौर पर यह सिलसिला मई में शुरू होता है और अक्टूबर तक चलता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मुताबिक जापानी इंसेफलाइटिस से एक जुलाई से अब तक कम से कम आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 82 लोग इस वेक्टर-जनित बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं।

असम के स्वास्थ्य विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अविनाश जोशी और एनएचएम के डायरेक्टर डॉ एमएस लक्ष्मी प्रिया ने शनिवार को जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।

गुवाहाटी: असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य के पांच असमिया भाषी मुस्लिम समुदायों को 'स्वदेशी' का दर्जा देने का फैसला किया है। इस कदम के बाद इन समुदायों की पहचान बंगाली भाषी मुसलमानों से अलग होगी। असम की कैबिनेट ने जिन पांच समुदायों को स्वदेशी का दर्जा देने का फैसला किया है उनमें वे गोरिया, मोरिया, देसी, जुला और सैयद शामिल हैं।

दरअसल, इन पांच मुस्लिम समुदायों के लोगों को स्वदेशी असमिया मुसलमानों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार मुस्लिम समुदायों सहित राज्य में स्वदेशी अल्पसंख्यकों के अलग वर्गीकरण के लिए कदम उठाएगी। असम कैबिनेट के इस निर्णय से राज्य के लगभग 40 लाख असमिया भाषी मुसलमानों को मान्यता मिल जाएगी।

कैबिनेट के इस निर्णय के बारे में बताते हुए कैबिनेट मंत्री केशब महंत ने कहा कि कैबिनेट ने इन पांच मुस्लिम समूहों के लिए एक नए नामकरण को मंजूरी दी है। वे अब से स्वदेशी असमिया मुसलमानों के रूप में जाने जाएंगे।

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर मानहानि का मुकदमा किया है। मिली जानकारी अनुसार प्रदेश के कामरूप ग्रामीण जिला के सीजेएम कोर्ट में 30 जून को मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। दरअसल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा 4 जून को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया था कि असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां के स्वामित्व वाली जेसीबी कंपनियों ने कोविड के दौरान पीपीई किट की निविदा प्रक्रिया में हेरफेर किया था। इसी बात से नाराज मुख्यमंत्री ने मानहानि का केस किया है।

मुख्यमंत्री की पत्नी ने भी किया है मुकदमा

अगर मानहानि साबित हुआ तो सिसोदिया को 2 साल तक की सजा भुगतनी होगी। मिली जानकारी अनुसार 30 जून को मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने हिमंत बिस्वा सरमा की प्रारंभिक गवाही के लिए 22 जुलाई की तारीख तय की है।

गुवाहाटी: गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल से निकल कर मुंबई या गोवा जाने का शिवसेना के बागी विधायकों ने प्लान बदल दिया है। आज शाम पांच बजे महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा उसके बाद बागी विधायक इस मामले में कोई फैसला लेंगे। हालांकि इन बागी विधायकों को लिए एक चार्टर्ड प्लेने को स्टैंडबॉय मोड पर रखा गया है। आज सुबह जब गुवाहाटी के होटल से शिवसेना के विधायकों को बस में बैठाकर कामाख्या मंदिर ले जाया जा रहा था, तभी उनके साथ असम के संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका और राज्य के अन्य भाजपा नेता उनके बगल में बैठे दिखे थे।

शिवसेना के बागी विधायकों के नेता एकनाथ शिंदे ने विधायकों के साथ गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर में दर्शन किये। इसके बाद बागी विधायकों ने गोवा जाने का प्लान बदल दिया। आज शाम को महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा, जिसके बाद बागी विधायक आगे का फैसला लेंगे। गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है, इसके लिए शिंदे अपने समर्थक विधायकों के साथ मुंबई आना है।

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