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नई दिल्ली: असम सरकार इन दिनों उन पुरुषों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है जिन्होंने 14 साल की कम उम्र की बच्ची से शादी की और बाद उनके साथ शारीरिक संबंध भी बनाया। राज्य सरकार ने बीते कुछ दिनों की कार्रवाई में राज्य भर में ऐसा करने वाले 2258 पुरुषों को गिरफ्तार भी किया है। जबकि ऐसे लोगों के खिलाफ चार हजार से ज्यादा मामले भी दर्ज किए गए हैं। सरमा सरकार की इस कार्रवाई के बीच एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या करने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि महिला को डर था कि अब पुलिस उसके पिता को भी गिरफ्तार करेगी जिन्होंने उसकी शादी तब कराई थी जब वो नाबालिग थी।

वहीं एक अन्य मामले में एक महिला ने पुलिस स्टेशन पर आकर धमकी दी कि अगर उनके पिता और पति को नहीं छोड़ा, जिन्हें पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था, तो वो आत्महत्या कर लेंगी।

उधर, धुबरी जिले के तमरहाट सैंकड़ों की संख्या में महिलाओं ने पुलिस स्टेशन का घेराव किया और बाद में हाईवे को भी बंद किया।

नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर अपने बयान की वजह से चर्चाओं में हैं। इस बार उनका ये बयान महिलाओं के मां बनने की उम्र को लेकर आया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि मां बनने के लिए 22 साल से 30 साल के बीच की उम्र सबसे सही होती है। उनका यह बयान सरकार के उस फैसले के बाद आया है जिसके तहत बाल विवाह और बच्चियों के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न पर लगाम लगाने को लेकर जोर दिया गया है।

सीएम सरमा ने कहा कि आने वाले पांच से छह महीनों में ऐसे हजारों पतियों को गिरफ्तार किया जाएगा। जिन्होंने 14 साल से कम उम्र की लड़की से शादी की और बाद में उनके साथ संबंध बनाए। 14 साल से कम उम्र की लड़की के साथ शादी होने के बावजूद भी ऐसा करना अब अपराध है। कानून के हिसाब से लड़की की शादी की उम्र 18 साल या इससे ऊपर होना चाहिए। जिन्होंने इससे उम्र की लड़कियों से शादी की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने वामपंथी इतिहासकारों पर भारतीय इतिहास को पराजय और समर्पण की कहानी बताकर उसे ‘विकृत' करने का आरोप लगाया और कहा कि देश की विजयगाथा को दर्ज करने के लिए इतिहास फिर से लिखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के लोग दशकों तक राज्य को भाषायी आधार पर विभाजित करने की कोशिश करते रहे हैं और लोगों को अपनी ‘‘धार्मिक समानताएं'' अपनाकर ऐसी कोशिशों को हराना चाहिए।

यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 28वें राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘वामपंथियों ने हमेशा हमारे इतिहास को विकृत करने की कोशिश की है क्योंकि वह भारत को पराजित ‘जाति' के रूप में दिखाना चाहते हैं।''

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने उन राजाओं और नायकों को नजरअंदाज किया जिन्होंने विरोध किया और मुगल हमलों को सफलतापूर्वक शिकस्त दी और केवल उनके बारे में लिखा जो पराजित हुए थे।''

गुवाहाटी: असम में देवरी स्वायत्त परिषद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 22 में से 12 सीट जीती हैं। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी। असम राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार भाजपा ने 11 सीट जीतीं जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद ने एक सीट जीती।

आयोग का कहना है कि आज मतगणना पूरी होने के बाद सामने आये चुनाव परिणाम के हिसाब से विपक्षी कांग्रेस ने दो सीट जीतीं जबकि निर्दलीय प्रत्याशी आठ सीटों पर विजयी रहे। परिषद के लिए मंगलवार को चुनाव हुआ था जिसमें 43,595 मतदाताओं में से अनुमानत: 80 फीसद ने वोट डाला था। ये 22 निर्वाचन क्षेत्र छह जिलों तथा अन्य जिलों के चार उपसंभागों में फैले हैं।

चुनाव परिणाम पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ट्वीट किया, ‘‘ देवरी स्वायत्त परिषद के चुनाव में असम भाजपा एवं सहयोगी की शानदार जीत आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही हमारी सरकार के प्रति लोकप्रिय जनविश्वास पर फिर मुहर लगाती है।’’

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