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गुवाहाटी: असम में बाढ़ से हालात दिन पर दिन बिगड़े ही जा रहे हैं। राज्य में बाढ़ से अब 42 लाख लोग प्रभावित हैं। जबकि सभी 33 जिलों में बाढ़ का कोहराम देखने को मिल रहा है। बाढ़ से राज्य में स्थिति कितनी भयावह है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 24 घंटे में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बीते एक सप्ताह में 33 लोगों की जान गई है। राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी समेत आधा दर्जन से ज्यादा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य सरकार ने भी आम जनता के लिए राहत कैंपों में तमाम व्यवस्था की है। मिली जानकारी के अनुसार अभी राज्यभर में 744 राहत कैंपों में कुल 1.80 लाख लोग रह रहे हैं।

राज्य में बाढ़ से बिगड़ते हालात के बीच बीते 24 घंटों में राज्य के 33 जिलों के 4,296 से ज्यादा गांवों की कुल 30,99,762 से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। पिछले 24 घंटों में 9 लोगों की जान चली गई हैं. अब अप्रैल से अब तक कुल 62 लोगों की मौत हुई है, इनमें 51 बाढ़ में और 11 भूस्खलन में अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं कुल 66455.82 हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य भूमि बाढ़ की वजह से प्रभावित हुई है।

गुवाहाटी: असम में बाढ़ से जान-माल को काफी नुकसान पहुंचा है। काफी संख्या में लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के 32 जिलों के 4,296 गांवों की कुल 30,99,762 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। पिछले 24 घंटों में 8 लोगों की जान चली गई हैं। अब अप्रैल से अब तक कुल 62 लोगों की मौत हुई है, इनमें 51 बाढ़ में और 11 भूस्खलन में अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं कुल 66455.82 हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य भूमि बाढ़ की वजह से प्रभावित हुई है।

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में 514 राहत शिविर और 302 राहत वितरण केंद्र खोले गए हैं। इन राहत शिविरों में कुल 1,56,365 लोग शरण लिए हुए हैं। बता दें कि असम में 30 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। राज्य के 32 जिलों में 4 हजार से ज्यादा गांव पानी में डूबे हैं और 1.56 लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं।

वहीं पड़ोसी राज्य मेघालय में पिछले 24 घंटों से भारी बारिश जारी है। पश्चिमी त्रिपुरा में शनिवार को लगातार बारिश की वजह से काफी जानममाल को नुकसान पहुंचा है।

नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर पीपीई किट सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने भी एक के बाद एक कई ट्वीट कर इस आरोप पर अपनी सफाई दी। उन्होंने साथ ही कहा कि सिर्फ आधे कागजात मत दिखाइए, हिम्मत है तो पूरी जानकारी दीजिए।

असम के सीएम ने अपने ट्वीटर पर लिखा, "ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे भीषण महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट हो। मेरी पत्नी ने आगे आने और जीवन बचाने के लिए सरकार को लगभग 1500 मुफ्त दान करने का साहस किया। उसने एक पैसा भी नहीं लिया।"

एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, मनीष सिसोदिया जी आपने उस समय अपना एक अलग रूप दिखाया। आपने दिल्ली में फंसे असम के लोगों की मदद के लिए मेरे कई कॉल्स को ठुकरा दिया। मैं ये कभी नहीं भूल सकता जब मुझे दिल्ली के मुर्दाघर से असम के एक कोविड पीड़ित का शव लेने के लिए 7 दिन इंतजार करना पड़ा।

गुवाहाटी: असम के कछार जिले के 30 अधिकारियों ने एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को सौंपा है, जिसमें शिकायत की गई है कि एक भाजपा विधायक का व्यवहार उनके प्रति बिल्कुल भी ठीक नहीं है। अधिकारियों का आरोप है कि एमएलए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के साथ उनका अपमान करते हैं और साथ ही उन्हें धमकाते भी हैं।

अधिकारियों के अनुसार, लखीपुर निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक ने पूरे असम सिविल सेवा कैडर की अखंडता पर सवाल उठाया। सिविल सेवकों ने अपने पत्र में एक उदाहरण का हवाला दिया जहां विधायक ने कहा कि बाढ़ राहत ड्यूटी पर एक प्रखंड विकास अधिकारी को "पीटा जाना चाहिए।" राय ने कथित तौर पर सर्किल अधिकारियों पर व्यक्तिगत रूप से हमला किया था और उन्हें "चावल चोर" कहा। भाजपा विधायक पर ये भी आरोप है कि उन्होंने कहा कि उनके शरीर में कीड़े पड़ेंगे।

इसके साथ ही शिकायत पत्र में कहा गया है कि भाजपा विधायक ने अंचल अधिकारी दीपांकर नाथ को "थप्पड़" मारने की बात कही।"

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