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अहमदाबाद: ‘‘शिक्षा का व्यसायीकरण’’ करने पर गुजरात सरकार को आड़े हाथ लेते हुए जेल में बंद पटेल आरक्षण नेता हार्दिक पटेल ने छात्रों के दाखिले के लिए डोनेशन मांगने वाले स्कूल एवं कालेजों के खिलाफ शांतिपूर्ण जन आंदोलन चलाने का आज (रविवार) आह्वान किया। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति :पास: को लिखे पत्र में हार्दिक ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की दुर्दशा की अनदेखी कर रही है तथा विकास का दावा करने के लिए विभिन्न उत्सव आयोजित करने में उत्सुक है। उन्होंने 27 मई को लिखे पत्र में कहा, ‘‘छात्रांे की आत्महत्या के पीछे मुख्य कारण गुजरात में शिक्षा का व्यापक व्यावसायीकरण है। लोग डोनेशन चलन का शिकार हो रहे हैं। मंै पास एवं अन्य संगठनों से इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने का अनुरोध करता हूं।’’ समिति ने आज इस पत्र की प्रतियां मीडिया को वितरित कीं।

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार की ‘ईमानदारी’ के लिए भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी ने तारीफ की। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस आधारहीन आरोपों के जरिए सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। शहर के हवाईअड्डे पर उन्होंने संवाददाताओं से गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक ईमानदार सरकार मिली है। सरकार अपने सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसा करने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रही है। भाजपा के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य आडवाणी पार्टी के ‘विकास पर्व’ में भाग लेने के लिए यहां आए थे। अनुभवी नेता ने कांग्रेस की आलोचना ऐसे वक्त पर की है जब पार्टी लगातार सरकार पर तीखे हमले करते हुए कह रही है कि उसके पास ‘खोखले वादों और चालबाजियों’ के अलावा दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है, और लोग मोदी के ‘छलावे की जाल’ में फंसते जा रहे हैं। विकास पर्व का आयोजन पार्टी की प्रदेश शाखा की ओर से केंद्र में मोदी सरकार के और गुजरात में आनंदीबेन पटेल की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया है।

अहमदाबाद: भाजपा के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के दो साल पूरे होने पर गुजरात पार्टी इकाई द्वारा आयोजित ‘विकास पर्व’ समारोह के तहत 26 मई को यहां एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को सांबेधित करेंगे। प्रदेश भाजपा केंद्र में भाजपा सरकार और आनंदी बेन पटेल की अगुवाई वाली राज्य सरकार के दो साल पूरा होने पर 22-26 मई के दौरान पूरे राज्य में सभाएं और रैलियां करने जा रही हैं। प्रदेश भाजपा समन्वयक कौशिक पटेल ने कहा, ‘‘भाजपा राज्य के मंत्रियों और अन्य पार्टी नेताओं की उपस्थिति में विभिन्न स्थानों पर 14 ‘विकास पर्व’ सभाएं करेगी। 26 मई को लालकृष्ण आडवाणी यहां साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित ऐसी सभा को संबोधित करेंगे।’’ उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और गुजरात से राज्यसभा सदस्य स्मृति ईरानी 23 और 24 मई को आणंद एवं वड़ोदरा में ऐसी ही सभाएं करेंगी। कौशिक ने कहा, ‘‘इसके अलावा, हमने अरूण जेटली और राजनाथ सिंह समेत छह केंद्रीय मंत्रियों को इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है। हमें उनकी ओर से :शिरकत संबंधी: उनकी पुष्टि नहीं मिली है।’’

नई दिल्ली: भाजपा ने अपने सबसे मजबूत गढ़ गुजरात को सियासी उलटफेर की आशंका से बचाने के लिए बड़े फेरबदल की तैयारी शुरू कर दी है। पाटीदार आंदोलन से बने हालात में मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को बदले जाने की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को हटाए जाने का ऐलान 20 मई के बाद होने की संभावना है और उन्हें राज्यपाल का पद दिया जा सकता है। आनंदी बेन पटेल ने गुजरात में नरेंद्र मोदी की विरासत संभाली थी। इस लिहाज से बीच कार्यकाल में उनका जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। आनंदी बेन पटेल ने 22 मई 2014 को शपथ ली थी यानी अगर उन्हें अगले कुछ दिनों में हटाया गया तो वह अपने दो साल भी पूरे नहीं कर पाएंगी। माना जा रहा है कि पाटीदार आंदोलन से निबटने के अलावा कई और मोर्चों पर नाकामी की वजह से आनंदी बेन पटेल को हटाने की बात चल रही है। उनके उत्तराधिकारी के रूप में राज्य सरकार के मंत्री नितिन भाई पटेल का नाम सबसे आगे है। हालांकि चर्चा में पुरुषोत्तम रूपाला, विधानसभा अध्यक्ष गनपत भाई वसावा के नाम भी हैं। आनंदीबेन को पंजाब या हरियाणा का राज्यपाल बनाया जा सकता है। पांच विधानसभाओं के नतीजे आने के बाद इस बदलाव पर अमल किए जाने के आसार हैं। भाजपा नेतृत्व ने गुजरात के हालात का आकलन का दायित्व वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर को सौंपा था।

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