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अहमदाबाद: गुजरात के बनासकांठा में अवैध पटाखा फैक्ट्री के गोदाम में ब्लास्ट के बाद 21 लोगों की जान चली गई। इनमें मध्य प्रदेश के कई लोग थे, जो बेहतर भविष्य और परिवार चलाने के लिए काम खोजते हुए उस फैक्ट्री तक पहुंचे थे।

दरअसल, बनासकांठा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर डीसा कस्बे के पास इंडस्ट्रियल एरिेया में भयानक विस्फोट और आग के बाद एक गोदाम ढह गया, जिसमें बच्चों और महिलाओं सहित कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। ब्लास्ट इतना भीषण था कि कुछ मजदूरों की देह के परखच्चे उड़ गए और कई सौ मीटर दूर तक जाकर गिरे। यह जानकारी कलेक्टर मिहिर पटेल ने दी।

इस हादसे में पांच बच्चों और पांच महिलाओं की मौत से पता लगता है कि गोदाम के परिसर में मजदूर के परिवार भी रहते थे। मरने वाले सभी लोग मध्य प्रदेश के हरदा और देवास के रहने वाले थे। ब्लास्ट में आरसीसी स्लैब गिर गई, जिससे वहां मौजूद सभी लोग दब गए। यहां तक ​​कि उसी परिसर में रह रहे के परिवार के सदस्य भी स्लैब के ब्लॉक के नीचे दबकर मर गए।

बनासकांठा: गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा कस्बे में मंगलवार (1 अप्रैल) को एक पटाखा फैक्ट्री में आग लग जाने से 10 लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, डीसा ग्रामीण पुलिस थाने के निरीक्षक विजय चौधरी ने बताया कि कस्बे के निकट स्थित फैक्ट्री में आग लगने के बाद हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के कारण उसके कुछ हिस्से ढह जाने से कई श्रमिक फंस गए।

वहीं बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने कहा,'आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली. दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घटनास्थल पर ही 10 मजदूरों की मौत हो गई। कई घायल मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया। हम मलबे में दबे किसी भी व्यक्ति को बचाने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं।'

इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। घटना के बारे में प्राप्त विवरण के अनुसार, डीसा के धुनवा रोड पर दीपक ट्रेडर्स नामक पटाखा फैक्ट्री स्थित है।

अहमदाबाद: लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को गुजरात दौरे पर पहुंचे। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। राहुल ने कहा, गुजरात की जनता विकल्प चाहती है। बी टीम नहीं चाहती है। मेरी जिम्मेदारी इन दो ग्रुप्स को छानने की है। राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी में उन कार्यकर्ताओं और नेताओं की पहचान करने की जरूरत है, जो बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के दूसरे दिन पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि पार्टी का पहला काम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के दो समूहों को अलग करना है- पहला जो पार्टी की विचारधारा को अपने दिल में रखते हैं और जनता के साथ खड़े हैं और दूसरे जो जनता से कटे हुए हैं, ‘‘जिनमें से आधे बीजेपी के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात कांग्रेस में नेतृत्व और कार्यकर्ता स्तर पर दो तरह के लोग हैं। एक वो जो लोगों के प्रति ईमानदार हैं, वे उनके लिए लड़ते हैं, उनका सम्मान करते हैं और उनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। और दूसरे वो हैं, जो लोगों से कटे हुए हैं, उनका सम्मान नहीं करते हैं और उनमें से आधे बीजेपी के साथ हैं।’’

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अंबानी की महत्वाकांक्षी परियोजना वनतारा का उद्घाटन किया और इसका दौरा किया। यहां पीएम मोदी वन जीवों के साथ तस्वीर भी खिचाते और शावक को दूध पिलाते नजर आए। लेकिन ठीक उसी दिन गुजरात विधानसभा में एक ऐसी रिपोर्ट पेश की गई जो जिसमें बताया गया कि राज्य में बीते दो साल में 286 शेरों की मौत हुई है।

58 शेरों की मौत अप्राकृतिक कारणों से हुईं: वन मंत्री

दरअसल, राज्य के वन मंत्री मुलुभाई बेरा ने मंगलवार को विधानसभा को यह जानकारी दी कि गुजरात में गत दो साल में कम से कम 286 शेरों की मौत हो गई, जिनमें 143 शावक भी शामिल हैं। इनमें से 58 शेरों की मौत अप्राकृतिक कारणों से हुईं।।

बेरा ने प्रश्नकाल के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस विधायक शैलेश परमार के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्य में दो वर्षों - 2023 और 2024 - में 140 शावकों सहित 456 तेंदुओं की भी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि 286 शेरों की मौत में से 121 की मौत 2023 में तथा 165 की मौत 2024 में हुई।

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