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पणजी: जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को रविवार को गोवा के राज्यपाल के तौर पर शपथ दिलायी गयी। बम्बई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग ने राजभवन में मलिक को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मलिक ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के तौर पर अपनी सेवायें दे चुके हैं, जिसे अब दो केंद्रशाषित प्रदेशों - जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में बांट दिया गया है। मलिक (73) ने मृदुला सिन्हा का स्थान लिया है जो अगस्त 2014 से इस पद पर थीं। शपथग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति वहां मौजूद थे।

इस मौके पर मलिक ने कहा, ‘‘मैं कश्मीर से यहां आया हूं जिसे समस्याग्रस्त राज्य के तौर पर जाना जाता है। मैं वहां चीजों से सफलतापूर्वक निपटा। जम्मू कश्मीर अब शांतिपूर्ण और अच्छा स्थान है जो प्रगति के पथ पर चल पड़ा है। नेतृत्व वहां अविवादित है। वे अपना काम बेहतर तरीके से कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि मैं यहां बहुत शांतिपूर्ण तरीके से समय बिताऊंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यहां लोग अच्छे हैं। मुख्यमंत्री बातें कम करते हैं लेकिन गोवा का नाम पूरी दुनिया में है।’’

पणजी: गोवा के बिजली मंत्री नीलेश कबराल ने शुक्रवार को बताया कि सरकार के विभिन्न विभागों पर बिजली विभाग का करीब 145 करोड़ रुपये बकाया है। ग्राहकों की ओर से कुल 350 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किए जाने की वजह से बिजली विभाग आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कबराल ने पत्रकारों को बताया, सभी बही खाते देखने पर पता चला कि बिजली विभाग का सरकारी एजेंसियों, आम लोगों और निजी कंपनियों पर करीब 350 करोड़ रुपये का बकाया है। इनमें से भी 120 से 145 करोड़ रुपये अकेले सरकार के विभिन्न विभागों पर बकाया है।

मंत्री ने बताया कि नवंबर महीने से बिजली विभाग बकायेदारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करेगा। उन्होंने कहा, ''हम पहले ही कई बकायेदारों को नोटिस जारी कर चुके हैं और वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

गोवा: गोवा सरकार में शनिवार को चार नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। सियासी घटनाक्रम के बीच विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर, फिलिप नेरी रोड्रिग्स और जेनिफर मोनसेराट को मंत्री बनाया गया है। ये तीनों हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 10 विधायकों में शुमार हैं। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष माइकल लोबो को भी मंत्रिपद मिला है। राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन विधायकों और निर्दलीय विधायक रोहन खुंटे से कैबिनेट से इस्तीफा देने को कहा था। सावंत ने तीन महीने पहले मुख्यमंत्री पद संभाला था, तबसे उन्होंने यह दूसरी बार मंत्रिमंडल में फेरबदल किया है।

अधिसूचना के अनुसार चार मंत्रियों- उप मुख्यमंत्री विजय सरदेसाई, जल संसाधन मंत्री विनोद पालेकर, ग्रामीण विकास मंत्री जयेश सालगांवकर (सभी जीएफपी विधायक) और राजस्व मंत्री रोहन खुंटे (निर्दलीय) को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया। लोबो ने मंत्रिपद संभालने से कुछ ही देर पहले विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर इस्तीफा दे दिया था।

पणजी: गोवा में कांग्रेस के 10 विधायकों के भाजपा में शामिल किए जाने के कदम की सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही कुछ लोग निंदा कर रहे हैं। इनमें दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर्रिकर के पुत्र उत्पल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता के निधन के बाद गोवा भाजपा अब नई दिशा में मुड़ चुकी है।

गोवा के ताजा सियासी घटनाक्रम पर निराशा जाहिर करते हुए उत्पल ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह निश्चित रूप से उनके पिता जो रास्ता अपनाते उससे बिल्कुल अलग है। उत्पल ने कहा, इस साल 17 मार्च को मेरे पिता का निधन हुआ और मैं जानता था कि उनके जाने के बाद उस रास्ते का भी अंत हो गया। उस दिन के बाद से भाजपा में प्रतिबद्धता और विश्वास जैसे शब्दों के मायने खत्म हो गए। उत्पल ने कहा कि वह भाजपा में ही बने रहेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन करेंगे।

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