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पणजी: गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) प्रमुख विजय सरदेसाई ने अपने दो विधायकों के भाजपा में शामिल होने संबंधी अटकलों को नकार दिया है। ट्विटर पर जीएफपी प्रमुख ने लिखा कि बांटने की रणनीति के तहत यह अफवाह फैलाई जा रही है ताकि सरकार महामारी से निपटने की विफलता को ढांक सके। सरदेसाई ने ट्वीट किया, ‘पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा में दो संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है, जिस कारण गोवा सरकार बांटने वाली चाल चलने को मजबूर है ताकि वह असफलता छिपा सके। एक बार फिर हमने गोवा में देखा है कि भाजपा के लिए जनता के स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी राजनीतिक मजबूती हासिल करना है।’

इस संबंध में भाजपा गोवा इकाई के प्रमुख सदानंद शेट तनावड़े ने बाहरी विधायकों के पार्टी में शामिल होने की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा, ‘राजनीति में हम किसी भी ऐसी स्थिति पर टिप्पणी नहीं कर सकते जो अभी तक नहीं हुई है, अभी बस इतना ही कह सकता हूं कि ऐसा कोई मामला नहीं है।’

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत लॉकडाउन को एक बार फिर बढ़ाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का ग्राफ बढ़ रहा है, इसलिए लॉकडाउन को 15 दिन के लिए बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से भी बात की है। सावंत ने कहा, ''लॉकडाउन को 15 दिन के लिए बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि कोविड-19 का ग्राफ बढ़ रहा है।'' उन्होंने आगे कहा, ''मैंने गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और मुझे लगता है कि लॉकडाउन को और 15 दिन के लिए बढ़ा दिया जाए।'' हालांकि सावंत कुछ ढील की भी मांग की।

उन्होंने कहा, ''हमने कुछ ढील की भी मांग की। सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए और 50 फीसदी क्षमता के साथ रेस्त्रां खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। बहुत से लोग चाहते हैं कि जिम भी खुले।'' सावंत ने कहा कि वे गृहमंत्रालय के दिशानिर्देश का इतंजार कर रहे हैं और यदि राज्य को छूट मिलती है तो हम गोवा के लिए उसके मुताबिक गाइडलाइंस जारी करेंगे।

नई दिल्ली: गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को कहा है कि गोवा अब कोरोना के मरीजों से मुक्त हो गया है। ऐसे में स्थानीय पर्यटक यहां आएंगे। राज्य में पर्यटन के भविष्य पर गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, 'गोवा कोरोना मुक्त है इसलिए घरेलू पर्यटक यहां आएंगे। विदेशी पर्यटकों को लौटने में समय लगेगा लेकिन वे भी आएंगे। उद्योग के लिए दीर्घकालिक नुकसान नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि गोवा में कोरोना से लड़ने का असली श्रेय हमारे प्रधानमंत्री को जाता है। गोवा को कामयाबी इसलिए मिली क्योंकि गोवा के मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन और प्रधानमंत्री के सभी आदेशों को लागू किया। जनवरी से ही हमने बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी।

वहीं, हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से राज्य में आने वाले प्रवासी मजदूरों को 14 दिनों के लिए पृथक-वास में रहना होगा। उन्होंने कहा था कि यह आदेश सभी गैर-गोवा निवासियों पर भी लागू होगा। गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गोवा में अब तक कोरोना वायरस के 54 मामले सामने आए हैं। इसमें से 16 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।

पणजी: गोवा में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बीच, रविवार को राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) ने राज्य में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से कोविड-19 की जांच के लिए दो हजार रुपये का शुल्क लेने का फैसला किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य के मुख्य सचिव परिमल राय के नेतृत्व वाली यह समिति राज्य में कोविड-19 प्रबंधन और राहत कार्यों की देखरेख के लिए जिम्मेदार है। समिति ने रविवार को आयोजित एक बैठक के दौरान राज्य में कोविड-19 की स्थिति का जायजा लिया। गोवा में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या 16 हो गई है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में बाहर से आने वाले यात्रियों में पाए गए संक्रमण के मामलों के बाद गोवा आने वाले हर व्यक्ति की जांच की व्यवस्था जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि एसईसी ने जांच पर होने वाले खर्च के लिए लोगों से शुल्क लेने के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श के बाद, एसईसी ने रेलवे और अन्य अधिकारियों को इसके बारे में बता दिया है। राज्य के अंतर-राज्य आवागमन प्रकोष्ठ को निर्देश दिया कि गोवा पहुंचने वाले हर यात्री को अनिवार्य जांच से गुजरना होगा। जांच के लिए प्रति व्यक्ति 2,000 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा।

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