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तिरूचिरापल्ली: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज (बुधवार) तीखा हमला करते हुए जयललिता सरकार को देश की ‘‘सबसे भ्रष्ट’’ सरकार बताया और लोगों से कहा कि वे 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में उसे सत्ता से हटाएं। शाह ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर उदय सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उदय का उद्देश्य रिण में डूबी बिजली वितरण कंपनियों की मदद करना है। इस संवाददाता सम्मेलन में शाह के साथ केंद्रीय उर्जा मंत्री पीयूष गोयल सहित तीन मंत्री थे। गोयल ने हाल में कहा था कि मुख्यमंत्री जयललिता ‘‘पहुंच से बाहर’’ हैं। उन्होंने केंद्र की उदय योजना में शामिल नहीं होने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की थी। शाह ने राजग को अन्नाद्रमुक और द्रमुक के विकल्प के तौर पर पेश करते हुए कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी सरकार गांवों, गरीबों और श्रमिक वर्ग के कल्याण को प्रतिबद्ध है। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि तमिलनाडु के लोग चुनाव में राजग को प्राथमिकता देंगे।’’ शाह ने संसद में मोदी सरकार को मुद्दा आधारित समर्थन देने वाली अन्नाद्रमुक की प्रमुख जयललिता पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘‘लोगों को भारत की इस सबसे भ्रष्ट सरकार को बदलकर राजग को एक मौका देना चाहिए।’’

चेन्नई: डीएमडीए से निष्कासित नेताओं द्वारा नयी पार्टी खड़ी करने के एक दिन बाद द्रमुक ने उन्हें यह कहते हुए आपसी सहयोग का आज (सोमवार) न्यौता दिया कि द्रमुक नेता एम. करणानिधि डीएमडीके के बागी नेताओं से मिलने को तैयार हैं। द्रमुक के कोषाध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने बागी नेताओं द्वारा गठित पार्टी के संदर्भ में संवाददाताओं को बताया, ‘‘ मक्कल डीएमडीके.. यदि वे आते हैं, कलैगनार :करणानिधि: उनसे मिलने को तैयार हैं।’’ डीएमडीए के पूर्व प्रचार सचिव एवं विधायक वी.सी. चन्द्रकुमार एवं और दो विधायकों सहित नौ अन्य 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पीपुल्स वेलफेयर फ्रंट :पीडब्ल्यूएफ: के साथ गठबंधन करने के पार्टी हाई कमान के निर्णय के खिलाफ हाल ही में विद्रोह कर दिया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि डीएमडीके के संस्थापक विजयकांत की पत्नी प्रेमलता पार्टी के मामलों में दखल दे रही हैं।

चेन्नई: द्रमुक ने तमिलनाडु में 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में पूर्ण शराबबंदी, लोकायुक्त की स्थापना, राज्य संचालित आविन दूध की कीमत में सात रुपये प्रति लीटर तक की कटौती, विधानपरिषद को बहाल करना और सेतुसमुद्रम परियोजना को लागू करने का वादा किया। हालांकि, द्रमुक ने साल 2006 में की गई घोषणा के ठीक विपरीत मुफ्त रंगीन टीवी बांटने जैसी लोकलुभावन घोषनाएं नहीं कीं। हालांकि इसने कुछ रियायतों और छूट का वादा विभिन्न तबकों के लिए किया। इनमें सरकारी खर्च पर गरीबों के लिए मोबाइल फोन, मुफ्त वाई फाई छात्रों को इंटरनेट, फसल एवं शिक्षा ऋण पर छूट, पोषक आहार योजना में दूध का समावेश और शादी के लिए महिलाओं को 60,000 रुपये की सहायता शामिल है। द्रमुक ने विवाह सहायता योजना जैसी कुछ जारी योजनाओं में सुधार का भी वादा किया। फिलहाल , अन्नाद्रमुक सरकार 50,000 रूपये की सहायता राशि और मंगलसूत्र के लिए सोना देती है।

चेन्नई: सत्ता में आने पर पूर्ण शराब बंदी का विपक्ष की ओर से वादा किए जाने के बीच, एआईएडीएमके सुप्रीमो और मुख्यमंत्री जे जयललिता ने शनिवार को तमिलनाडु में चरणबद्ध तरीके से शराब बंदी लागू करने का आश्वासन दिया। प्रतिबंध का समर्थन करने के लिए चिर-प्रतिद्वंद्वी डीएमके प्रमुख एम करूणानिधि पर तीखे वार करते हुए उन्होंने कहा कि 1971 में उन्होंने ही शराब बंदी कानून में ढील दी थी और मुद्दे को अब राजनीतिक कारणों से उछाल रहे हैं। उनकी इस घोषणा का लोगों ने जमकर समर्थन किया। पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए जयललिता ने कहा, 'मतदाताओं सुनिए, प्रतिबंध 1937 में सलेम में शुरू हुआ और चरणबद्ध तरीके से होते हुए 30 जनवरी 1948 को तमिलनाडु में पूर्ण-प्रतिबंध लागू हुआ।' जयललिता ने कहा कि शराब पर प्रतिबंध में ढील अगस्त 1971 में करूणानिधि सरकार ने ही दी थी।' तमिलनाडु में शराब बिक्री से 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमेशा मेरी नीति पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की रही। हालांकि यह एक हस्ताक्षर की मदद से नहीं किया जा सकता।

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