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मदुरै: तमिलनाडु में एमडीएमके के नेता वाइको ने आरोप लगाया है कि डीएमके और बीजेपी ने डीएमडीके नेता विजयकांत को आगामी विधानभा चुनाव में अपने साथ लेने के लिए पैसे और दूसरी चीजों की पेशकश की थी, लेकिन वह दोनों की पेशकश ठुकरा कर जन कल्याण मोर्चा (पीडब्ल्यूएफ) में शामिल हो गए। वाइको ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि 'डीएमके ने विजयकांत को चुनाव लड़ने के लिए 80 विधानसभा सीटों और 500 करोड़ रुपये की पेशकश की थी, जबकि बीजेपी ने उनको राज्यसभा सीट और केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री पद की पेशकश की थी।' उन्होंने कहा, 'विजयकांत इन प्रस्तावों को ठुकराते हुए तमिलनाडु में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के गठन के लिए हमारे साथ आए। विजयकांत ने यह भरोसा पैदा किया है कि वह भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के लिए डीएमके की ओर से की गई भ्रष्टाचार की रकम की पेशकश को ठुकरा दिया।'

चेन्नई: विजयकांत के नेतृत्व वाली डीएमडीके ने सभी को हैरान करते हुए तमिलनाडु में 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चार दलों के गुट पीपुल्स वेलफेयर फ्रंट(पीडब्ल्यूएफ) के साथ बुधवार को एक गठबंधन किया और अभिनेता से नेता बने विजयकांत को गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत डीएमडीके 124 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और शेष 110 सीटों पर पीडब्ल्यूएफ के घटक दल (एमडीएमके, माकपा, भाकपा एवं वीसीके) चुनाव लड़ेंगे। एक तरह से वे मुख्यमंत्री पद के लिए एआईएडीएमके की जयललिता और डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि के सामने चुनौती पेश करेंगे। विजयकांत ने एमडीएमके के वाइको के नेतृत्व में पीडब्ल्यूएफ के नेताओं के साथ वार्ता की जिसके बाद गठबंधन का फैसला किया गया जबकि उन्होंने इससे पहले हाल में घोषणा की थी कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। सीटों के आवंटन संबंधी समझौते पर विजयकांत, वाइको, जी रामकृष्णन (माकपा), आर मुथारासन (भाकपा) और थोल तिरमवलवन (वीसीके) ने हस्ताक्षर किए।

चेन्नई: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने आज (शनिवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह कुवैत में फंसे तमिलनाडु के 10 मछुआरों को भारत वापस लाने के लिए कदम उठाएं। कुवैत की पुलिस ने इन मछुआरों को एक फर्जी मामले में हिरासत में लिया है। नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जयललिता ने कहा, मैं अनुरोध करती हूं कि आप कुवैत में भारत के दूतावास को इन निर्दोष भारतीय मछुआरों की तत्काल वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 मछुआरे, जिनमें एक केरल का और 10 तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के रहने वाले हैं, पिछले साल जुलाई में मछुआरों के तौर पर काम करने के लिए कुवैत गए थे। वे हुसैन रशीद और मोहम्मद रशीद नाम के दो लोगों के प्रायोजन के तहत वहां गए थे। प्रायोजकों की नौकाओं में करीब छह महीने तक मछली पकड़ने के काम के लिए उन्हें भेजा गया था। बहरहाल, प्रायोजकों ने उन्हें पकड़ी गई मछलियों में उनका हिस्सा नहीं दिया जबकि यह रोजगार की शर्तों में शामिल था। उन्होंने कहा, मछुआरे किसी तरह रहने के लिए संघर्ष कर रहे थे और अपने घर-परिवार को पैसे भेजने में अक्षम थे। जब सभी 11 मछुआरों ने अपने नियोक्ताओं से मेहनताना पाने की उम्मीद छोड़ दी और वापस भारत भेज देने का अनुरोध किया तो प्रायोजकों ने इससे इनकार कर दिया।

चेन्नई: तमिलनाडु के तीरपुर जिले में उस लड़की के पिता ने संदिग्ध ऑनर किलिंग के मामले में आज समर्पण कर दिया जिसके पति की निर्मम हत्या की गई है। इस दलित युवक की हत्या के इस मामले से जुड़ा वीडियो भी वायरल हो चुका है और इसको लेकर आक्रोश पैदा हो गया है। लड़की के पिता चिन्नास्वामी ने डिंडीगल जिले के निलाकोटाई की एक अदालत के समक्ष समर्पण किया। इस लड़की का नाम कौशल्या है और उसने अपने पति की हत्या के लिये पिता को जिम्मेदार ठहराया है। चैनलों पर जो वीडियो प्रसारित हुआ है उसमें स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि 22 साल के दलित युवक शंकर पर उस वक्त हमला किया गया जब वह अपनी पत्नी कौशल्या के साथ था। यह घटना कल तीरपुर के उदमलपेट में घटी। हमलावरों ने चाकू ले रखा था। वीडियो में दिख रहा है कि वे इस दंपति पर बर्बरता से हमला कर रहे हैं। जब बीच सड़क पर यह निर्मम हमला हो रहा था तब वहां से गुजर रहे राहगीर डर की वजह से तमाशबीन बने रहे। खून से लथपथ शंकर को सड़क पर छोड़कर तीनों हमलावर बाइक से भाग निकलने में सफल रहे क्योंकि वहां किसी ने उनका प्रतिरोध नहीं किया। मामले के तूल पकड़ने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ईवीकेएस इलनगोवन, वाम दल, एमडीएमके, वीसीके और डीके ने इस घटना की निंदा करते हुए हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

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