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चेन्नई: द्रमुक ने तमिलनाडु में 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में पूर्ण शराबबंदी, लोकायुक्त की स्थापना, राज्य संचालित आविन दूध की कीमत में सात रुपये प्रति लीटर तक की कटौती, विधानपरिषद को बहाल करना और सेतुसमुद्रम परियोजना को लागू करने का वादा किया। हालांकि, द्रमुक ने साल 2006 में की गई घोषणा के ठीक विपरीत मुफ्त रंगीन टीवी बांटने जैसी लोकलुभावन घोषनाएं नहीं कीं। हालांकि इसने कुछ रियायतों और छूट का वादा विभिन्न तबकों के लिए किया। इनमें सरकारी खर्च पर गरीबों के लिए मोबाइल फोन, मुफ्त वाई फाई छात्रों को इंटरनेट, फसल एवं शिक्षा ऋण पर छूट, पोषक आहार योजना में दूध का समावेश और शादी के लिए महिलाओं को 60,000 रुपये की सहायता शामिल है। द्रमुक ने विवाह सहायता योजना जैसी कुछ जारी योजनाओं में सुधार का भी वादा किया। फिलहाल , अन्नाद्रमुक सरकार 50,000 रूपये की सहायता राशि और मंगलसूत्र के लिए सोना देती है।

इसने राज्य संचालित कैंटीनों की किफायती श्रृंखला अम्मा उनावगम के स्थान पर इसे अन्ना उनावगम का भी आश्वासन दिया। घोषणापत्र जारी करते हुए करूणानिधि ने चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी लागू करने के वादे को लेकर अन्नाद्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री जयललिता पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य संचालित शराब दुकान के कर्मचारियों को वैकल्पिक रोजगार दिया जाएगा। करूणानिधि ने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार के कार्यालयों में भी तमिल को सह आधिकारिक भाषा बनाया जाएगा। पार्टी ने किसानों के लिए फसल रिण माफी और छात्रों को शिक्षा रिण माफी की भी घोषणा की। घोषणापत्र में अन्नाद्रमुक शासन द्वारा दर्ज किए गए मानहानि के सभी मामलों को वापस लेने का भी वादा किया गया।

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