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चेन्नई: माकपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार पर धर्म को देश से ऊपर रखने का आरोप लगाया है। माकपा ने शनिवार को कहा कि यदि इसका विरोध नहीं किया गया तो भारत बिल्कुल असहिष्णु हो जाएगा और काफी हद तक फासिस्ट हो जाएगा। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने बी.आर. अंबेडकर की 125वीं जयंती समारोह के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पी ने पूछा था कि क्या भारतीय देश को धर्म से ऊपर रखेंगे या धर्म को देश से ऊपर क्योंकि इससे (धर्म को देश से ऊपर रखने से) आजादी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा, 'हम आज क्या देख रहे हैं। बीजेपी सरकार आज लोगों को अपने धर्म को देश से ऊपर रखने को बाध्य कर रही है। वे कह रहे हैं कि उनका धर्म हिंदू और केवल हिंदू देश में सच्चे राष्ट्रवादी हैं।' उन्होंने कहा, 'लेकिन धर्म को देश से ऊपर रखकर आज आप एक बार फिर हमारे देश की आजादी खतरे में डाल रहे हैं।

यही चेतावनी अंबेडकर ने दी थी, और इसी चेतावनी पर हमें आज जरूर ध्यान देना चाहिए।' येचुरी ने दादरी में गोमांस खाने के झूठे आरोप पर एक मुसलमान को पीट-पीट कर मार डालने, झारखंड में मवेशियों के व्यापारी होने के आरोप में दो व्यक्तियों को फांसी पर लटकाए जाने पर चिंता प्रकट की और कहा कि ऐसी घटनाएं इसलिए होती हैं क्योंकि वे (सरकार) धर्म को देश से ऊपर रख रहे हैं।

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