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नई दिल्ली: तमिलनाडु में अरवकुरिची विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की गैर-कानूनी गतिविधियों और राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को ‘रिश्वत’ दिए जाने का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग ने वहां की चुनाव की तारीख बदलने का निर्णय लिया। संविधान की अनुच्छेद 324 के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए चुनाव आयोग ने एक आदेश में कहा कि इस विधानसभा सीट पर 16 मई के बजाय अब 23 मई को चुनाव होगा। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक साथ 16 मई को चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने कहा कि अरवकुरिची विधानसभा सीट पर 25 मई को मतों की गिनती होगी।

नई दिल्ली: तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार आज (शनिवार) समाप्त हो गया और इसके साथ ही चिलचिलाती गर्मी में चुनाव प्रचार के दो महीने के लंबे दौर के बाद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का शोर आज थम गया। केरल में जहां कांग्रेस नीत यूडीएफ और माकपा नीत एलडीएफ आमने-सामने हैं। भाजपा इस चुनाव में अपना जोर लगा रही है, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव प्रचार किया है और केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के साथ वाकयुद्ध की स्थिति देखने को मिली। केरल में 2.61 करोड़ लोग मतदान करने के पात्र हैं और वे 140 विधायकों का 16 मई को चुनाव करेंगे, जिसके लिए 1,203 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिसमें से 109 महिला उम्मीदवार हैं। राज्य में चुनाव प्रचार में कई राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने हिस्सा लिया। चुनाव प्रचार के दौरान सौर घोटाला और बार घोटाला चर्चा में रहा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सोमालिया से जुड़े बयान से विवाद भी उत्पन्न हो गया। राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केरल के लोगों का अपमान किया है। लीबिया से केरल के लोगों के लाने के खर्च से जुड़े मुद्दे पर भी भाजपा और चांडी में आरोपों के तीर चले। केरल में भाजपा इस बार श्री नारायण धर्म परीपालन योगम द्वारा बनाई गई नई पार्टी भारत धर्म जन सेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने अन्नाद्रमुक प्रमुख एवं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता और द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया। आयोग ने कहा कि इनके चुनाव घोषणापत्र इसके दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं करते हैं। दोनों नोटिस की भाषा वस्तुत: एक जैसी है जिसमें कहा गया है कि दोनों दल के घोषणापत्र प्रथमदृष्ट्या आयोग के दिशानिर्देशों को पूरी तरह पूरा नहीं करते। चुनाव आयोग ने उन्हें 15 मई तक शाम पांच बजे तक जवाब देने का समय दिया है जिसमें उन्हें आयोग के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर अपने रूख को स्पष्ट करना है। साथ ही इन दलों को घोषणापत्र में किए गए वादों का औचित्य बताना है। आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर दोनों नेता कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो यह उनके दलों के खिलाफ आगे की उचित कार्रवाई करेगा। कारण बताओ नोटिस चुनावी घोषणापत्र को लेकर लोगों की शिकायत के आधार पर जारी किया गया है।

चेन्नई: चिलचिलाती गरमी में चुनाव प्रचार के दो महीने के लंबे दौर के बाद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का शोर आज  (शनिवार) थम गया। मतदान सोमवार को होगा। राज्य के 234 विधानसभा चुनाव क्षेत्रों के पांच करोड़ 79 लाख मतदाता मुख्यमंत्री पद के चार दावेदारों, अन्नाद्रमुक की जे जयललिता, द्रमुक के एम. करूणानिधि, डीएमडीके के विजयकांत और पीएमके के अंबुमणि रामदास समेत 3776 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव प्रचार का शोर आज शाम पांच बजे थम जाएगा इससे अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने वाले उन नेताओं को थोड़ी राहत मिलेगी जिन्होंने राज्य भर में घूम-घूम कर मतदाताओं को आकषिर्त करने की कोशिश की। राज्य में बहुपक्षीय चुनाव हो रहा है। अन्नाद्रमुक, द्रमुक, पीडब्ल्यूएफ-डीएमडीके-टीएमसी गठबंधन, भाजपा नीत गठबंधन और पीएमके चुनाव में उतरे हैं। जयललिता लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बन कर राज्य में एक इतिहास रचने की कोशिश कर रही हैं जहां हाल के दशकों में कोई पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौटी है। राज्य में 32 जिलों में फैले 234 विधानसभा क्षेत्रों में 65,616 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। 2011 में इनकी तादाद 54,016 थी।

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