ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी

पटना: वर्ष 2013 में पटना के गांधी मैदान में हुए विस्फोट प्रकरण में पटना हाई कोर्ट ने बुधवार को चार दोषियों की मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। चारों दोषियों (हैदर अली, मोजिबुल्लाह, नोमान और इम्तियाज) को पहले सिविल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट ने उनकी सजा कुछ कम कर दी है। उन चारों के साथ दोषी पाए गए उमर और अजहरुद्दीन को निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा हुई थी। हाई कोर्ट ने उसे बरकरार रखा है। उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने इस घटना को 'रेयर ऑफ द रेयरेस्ट' बताया था।

विस्फोट 27 अक्टूबर, 2013 को हुआ था। उस वक्त 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के क्रम में नरेन्द्र मोदी पटना पहुंचे थे। गांधी मैदान में उनकी हुंकार रैली हो रही थी। उसी दौरान पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 10 स्थित सुलभ शौचालय के पास पहला बम विस्फोट हुआ था। उसके बाद गांधी मैदान में और आसपास छह स्थानों पर एक-एक कर छह विस्फोट हुए। उसमें छह लोगों की मृत्यु हुई थी और 89 लोग घायल हुए थे।

पटना: पटना में सोमवार (09 सितंबर) तड़के बीजेपी नेता की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना पटना सिटी के मंगल तालाब के पास मनोज कमलिया गेट की है। सुबह-सुबह हुई फायरिंग से राजधानी दहल उठी। मृतक की पहचान बीजेपी नेता श्याम सुंदर उर्फ मुन्ना शर्मा के रूप में की गई है। घटना सुबह 4 बजे के आसपास की बताई जा रही है। श्याम सुंदर मनोज कमलिया गेट के पास पहुंचे ही थे कि अपराधियों ने गोली मार दी। श्याम सुंदर बीजेपी से पटना सिटी चौक के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष थे।

मौके पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि सुबह 6 बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति हैं जिनका नाम मुन्ना शर्मा है उनकी अपराधियों ने हत्या कर दी है। उनके परिजन अस्पताल ले गए थे, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना को लेकर मृतक श्याम सुंदर उर्फ मुन्ना शर्मा के एक साथी ने बताया कि वे बहुत ही व्यवहारिक और जुझारू व्यक्ति थे। वे भाजपा के पटना सिटी चौक के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष थे।

बक्सर: नई दिल्ली से पटना होते हुए इस्लामपुर तक जाने वाली 20802 डाउन मगध एक्सप्रेस दानापुर रेल मंडल के डुमरांव रेलवे स्टेशन से चलने के करीब आठ मिनट बाद दो हिस्सों में बंट गई।

यह घटना बक्सर-आरा रेलखंड पर टुड़ीगंज और रघुनाथपुर रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। टुड़ीगंज रेलवे स्टेशन से चलने के करीब एक मिनट बाद ही यह घटना हुई। करीब 200 मीटर के फासले पर ट्रेन के दोनों हिस्से अलग-अलग खड़े हो गए।

गेट संख्या 61 के पास हुई इस घटना में किसी यात्री को कोई नुकसान पहुंचने की जानकारी नहीं है। इस घटना के बाद स्लीपर श्रेणी के एस-6 से लेकर एस - 1 के अलावा दो जनरल और एक एसएलआरडी कोच पीछे छूट गया। जबकि अन्य कोच को लेकर इंजन आगे बढ़ गया था।

घटना के दौरान एयर पाइप फटते ही स्वत: तरीके से ट्रेन रुक गई। इस घटना के बाद यात्रियों में अफरातफरी की स्थिति मच गई। ट्रेन के एक यात्री ने बताया कि अचानक तेज झटके के साथ आवाज हुई। इसके बाद ट्रैक के अगल-बगल की गिट्टी बिखरने और हवा में उड़ने लगी।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल, याचिका में पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें बिहार सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक नौकरियों में एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण 50 से बढ़ाकर 65 फीसदी करने के फैसले को खारिज कर दिया था।

सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने राजद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी विल्सन की इस दलील पर संज्ञान लिया कि याचिका पर फैसला किए जाने की आवश्यकता है। वहीं, शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया और लंबित याचिकाओं के साथ इसे भी जोड़ दिया।

पटना हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने से किया था इंकार

दरअसल, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई को इसी तरह की 10 अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख