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आइजोल: मिजोरम में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा के नेतृत्व वाली सरकार ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर पर्यटकों से फिलहाल राज्य की यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश सीमा से सटे दक्षिण मिजोरम के लुंगलेई जिले के त्लाबुंग कस्बे और आसपास के इलाकों में खावथलांगतुइपुई नदी के उफान पर होने के कारण अब तक कम से कम 100 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि लुंगलेई जिले के बुआलते गांव में लगभग 200 यात्री फंसे हुए हैं, क्योंकि लॉन्गतलाई और सियाहा जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-54 पर हुए भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण बार-बार भूस्खलन हो रहा है।

नई दिल्ली: म्यांमार में बढ़ती विद्रोही ताकतों और जुंटा-शासन के बीच तेज हो रही लड़ाई के बीच, म्यांमार सेना के सैकड़ों जवान भारत की ओर भाग रहे हैं। मिजोरम सरकार ने इस घटनाक्रम के बारे में केंद्र सरकार को सचेत किया है। साथ ही जल्द यह यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि पड़ोसी देश के सैनिकों को वापस भेजा जाए। तेज होती झड़पों के बीच म्यांमार सेना के करीब 600 सैनिक भारत में घुस आए हैं। उन्होंने मिजोरम के लांग्टलाई जिले में शरण ले रखी है।

अराकन आर्मी ने सैनिक शिविरों पर किया कब्जा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक पश्चिमी म्यांमार राज्य के रकाइन में एक जातीय सशस्त्र समूह अराकन आर्मी (एए) के उग्रवादियों ने उनके शिविरों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि सैनिकों को असम राइफल्स शिविर में आश्रय दिया गया है। मिजोरम के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शिलांग में हुई पूर्वोत्तर परिषद की बैठक के पूर्ण सत्र में गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर बातचीत की। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मिजोरम ने राज्य में शरण लेने वाले म्यांमार सेना के जवानों की जल्द वापसी की जरूरत पर जोर दिया।

आइजोल: जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ज़ेडपीएम) के नेता लालदुहोमा ने शुक्रवार को मिजोरम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान राज्यपाल हरि बाबू कमभमपति ने लालदुहोमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मालूम हो कि इस शपथ ग्रहण समारोह में ग्यारह अन्य ज़ेडपीएम नेता भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।

राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था। यहां मिजो नेशनल फ्रंट के नेता और निवर्तमान मुख्यमंत्री जोरमथंगा मौजूद रहे। साथ ही, इस कार्यक्रम में एमएनएफ के विधायक दल के नेता लालचंदमा राल्ते सहित सभी विधायक शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री ललथनहवला भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे थे।

5 दिसंबर को (मंगलवार) को जेडपीएम विधायक दल ने लालदुहोमा को अपना नेता और के.सपडांगा को अपना उपनेता चुना था। 40 सदस्यीय विधानसभा वाले मिजोरम में मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री हो सकते हैं। ज़ेडपीएम को 2019 में एक राजनीतिक दल के रूप में रजिस्टर किया गया था। यहां 7 नवंबर को हुए चुनाव में विधानसभा चुनावों में 27 सीटें जीतकर विजयी हुई, 2018 के चुनावों से पार्टी को 8 सीटों की बढ़त हुई है।

आइजोल: तेलंगाना के बाद अब मिजोरम को भी नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। आज (8 दिसंबर) जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के नेता लालदुहोमा मिजोरम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार (7 दिसंबर) को लालदुहोमा के शपथ ग्रहण समारोह की पूरी जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि "लालदुहोमा के अलावा उनके मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य भी शुक्रवार को शपथ ग्रहण करेंगे। राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति लालदुहोमा के अलावा अन्य मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। बताया गया है कि सुबह 11 बजे से शपथ ग्रहण समारोह शुरू होगा।"

उन्होंने बताया कि "अगर मौसम ठीक रहा तो लालदुहोमा का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन परिसर में आयोजित किया जाएगा, लेकिन मौसम ठीक नहीं रहने की स्थिति में कार्यक्रम विधानसभा के एनेक्सी भवन में आयोजित किया जाएगा। बता दें कि आइजोल में गुरुवार को भी भारी बारिश हुई थी।"

बता दें कि मिजोरम में 40 सदस्यीय विधानसभा है और राज्य में मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री ही हो सकते हैं।

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