ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

मिजोरम: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की गर्माहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मिजोरम पहुंचे। यहां उन्होंने लुंगली में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम बोले कांग्रेस विकास की नहीं, लटकाने,अटकाने और भटकाने के कल्चर वाली पार्टी है। इनके लिए भ्रष्टाचार ही राजनीति का आधार है। पीएम ने अपनी भाषण की शुरुआत मिजोरम की संस्कृति की तारीफ करते हुए की। उन्होंने कहा कि मिजोम के पास एक समृद्ध संस्कृति है, परंपरा है, जिसको आप सभी ने संजोकर रखा है। आपका गीत-संगीत, नृत्य, आपका खान-पान, आपका पहनावा, शानदार है, अद्भुत है।

पीएम मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि समृद्ध वही होता है, जो अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ा रहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सिर्फ और सिर्फ देश के विकास को ध्येय बनाकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लिए एक्ट ईस्ट और एक्ट फास्ट नीति पर चलते हुए बीते साढ़े 4 वर्ष में उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर के हर क्षेत्र को विकास से जोड़ा है।

आइजोल/चंफई (मिजोरम): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर निर्वाचन आयोग और सीबीआई जैसी संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने रिलायंस के अनिल अंबानी की मदद के लिये 30,000 करोड़ रूपये दे दिये जो ‘‘मनरेगा योजना के एक साल का खर्च’’ है। भाजपा के वैचारिक सलाहकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि क्या सिर्फ आरएसएस से जुड़ा होना ही राज्यपाल या कुलपति होने के लिये पर्याप्त योग्यता है?

गांधी ने मिजोरम में कई चुनावी रैलियों को संबोधित किया जहां कांग्रेस पूर्वोत्तर के एक मात्र राज्य पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है। पार्टी राज्य में 2008 से सत्ता में है। मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिये चुनाव 28 नवंबर को होंगे। राफेल युद्धक विमान खरीद सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता का पैसा ‘‘लूट’’ कर इसका इस्तेमाल प्रचार पाने के लिये किया। सरकार ने विपक्षी दल के इन आरोपों को खारिज किया है।

नई दिल्ली: मिजोरम विधानसभा में 28 नवंबर को 40 सीटों पर होने जा रही वोटिंग से पहले बड़ी खबर है। खबर ये है कि चुनाव आयोग ने मिजोरम के मुख्य चुनाव अधिकारी को हटाने का आदेश सुनाया है। शशांक को हटाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। निर्वाचन अधिकारी को हटाने की मांग के बीच चुनाव उपायुक्त की टीम जांच के लिए मिजोरम पहुंची थी।

उनकी रिपोर्ट के बाद ही आयोग ने निर्वाचन अधिकारी को बदलना का फैसला किया। मिजोरम की सिविल सोसायटी के लोगों ने चुनाव आयोग से एसबी शशांक को हटाने और त्रिपुरा में शरणार्थी ब्रू समुदाय के लोगों को मिजोरम की सीमा में मतदान करने देने की मांग की थी। चुनाव आयोग ने दोनों मांगें स्वीकार कर ली है।

आइजोल: मिजोरम के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) एसबी शशांक ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से समन मिलने के बाद वह बुधवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। गौरतलब है कि कई गैर सरकारी संस्थान (एनजीओ) शशांक को हटाने के लिए मांग कर रहे हैं। शशांक ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को चुनाव पैनल से मिलेंगे।

इस बीच, यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के सैकड़ों सदस्यों ने सीईओ के कार्यालय के सामने सुबह 8 बजे से अपना धरना जारी रखा। एनजीओ समन्वय समिति के अध्यक्ष वानलालरूअता ने कहा कि शशांक के हटाये जाने के बाद ही धरना समाप्त होगा।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख