नई दिल्ली: म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार(28 मार्च) को आए भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है। अकेले म्यांमार में भूकंप में 140 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं इस भूकंप में अभी तक 700 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। उधर थाईलैंड में करीब 10 लोगों की भूंकप से मौत हुई है। अचानक आई इस आपदा के बाद म्यांमार ने आपातकाल लगा दिया गया है। इस भंयकर भूकंप का असर सिर्फ म्यांमार पर ही नहीं बल्कि आसपास के देशों में देखने को मिला है। भूकंप का भारत, चीन नेपाल समेत पांच देशों में देखने को मिला है।
भारत समेत पांच देशों में भूकंप के झटके महसूस हुए
म्यांमार के अलावा थाईलैंड, चीन, नेपाल और भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं शनिवार रात में भी म्यांमार और अफगानिस्तान में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह करीब 5 बजकर 16 मिनट पर अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.7 रही।
यूएसजीएस का दावा- 1000 लोगों की मौत
वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण(यूएसजीएस) का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। अस्पतालों में खून की भारी किल्लत की खबरें मिल रही हैं। म्यांमार में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन हर तरफ मलबे का ढेर, टूटी सड़कें, और ढही इमारतें नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि, अस्पतालों में घायलों की तादाद भी हजारों में है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस भूकंप से मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। वहीं सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार के अनुसार, पांच शहरों और कई कस्बों में इमारतें गिर गई हैं, और दो प्रमुख पुल भी ढह चुके हैं।
इन शहरों में भारी नुकसान
इस विनाशकारी भूकंप ने मंडाले, नेपिटॉ, यांगून और कई अन्य शहरों में इमारतों, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन सबसे अधिक मौतें नेपिटॉ में हुई हैं। यहां से 90 से अधिक लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आया है।
म्यांमार में स्थिति गंभीर, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका
म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख, सीनियर जनरल मिन आंग हलाइंग ने टेलीविजन पर बताया कि देश में अब तक 144 लोगों की मौत हो चुकी है और यह आंकड़ा बढ़ सकता है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडाले के पास था। झटकों के बाद कई आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) भी महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 मापी गई।
मंडाले में भूकंप ने कई इमारतों को जमींदोज कर दिया, जिनमें शहर का एक प्रमुख मठ भी शामिल था। राजधानी नेपिटॉ में भी कई सरकारी कर्मचारियों के आवासीय भवन मलबे में तब्दील हो गए, जहां बचाव दल पीड़ितों को निकालने में जुटा हुआ है।
खून की भारी किल्लत
म्यांमार सरकार के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में रक्तदान की अत्यधिक आवश्यकता है। अस्पतालों में खून की भारी कमी बताई जा रही है। आपदा में घायल लोगों से अस्पताल भरे पड़े हैं। म्यांमार ना इस आपदा में दवाओं और अन्य राहत सामाग्री की कमी से जूझ रहा है। सैन्य सरकार ने विदेशी सहायता स्वीकार करने की घोषणा की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने प्रारंभिक राहत कार्यों के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि जारी की है। वहीं चीन और रूस ने म्यांमार में बचाव दल भेजे हैं, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अमेरिकी मदद की बात कही है।
पुल और मठ गिरे, बांध टूटा
एक ऑनलाइन वीडियो में देखा गया कि मंडाले की एक सड़क पर भिक्षु अपने मठ मा सोए याने की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तभी वह पूरी तरह धराशायी हो गया। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस दुर्घटना में कोई घायल हुआ या नहीं। क्रिश्चियन एड नामक संगठन ने बताया कि भूकंप से एक बांध भी टूट गया, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है।
बैंकॉक में ऊंची इमारत गिरी, 10 की मौत
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इस भूकंप का प्रभाव महसूस किया गया। यहां एक 33 मंजिला निर्माणाधीन इमारत पूरी तरह गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरते ही पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया, लोग घबराकर चीखने लगे और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। बैंकॉक प्रशासन के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, 16 घायल हैं और 101 लोग लापता हैं। थाईलैंड सरकार ने इसे "भयानक त्रासदी" करार दिया और कहा कि अभी भी कुछ लोगों के जीवित होने की उम्मीद है।
चीन में घायलों की सूचना
चीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों में महसूस किया गया। वहीं म्यांमार की सीमा पर स्थित रुइली शहर में भूकंप से नुकसान और चोटें आईं। सामने आए एक वीडियो रुइली में सड़क पर इमारत का मलबा बिखरा हुआ दिख रहा है और एक व्यक्ति को स्ट्रेचर पर एम्बुलेंस की ओर ले जाया जा रहा था। रुइली से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित चीनी शहर मंगशी में भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे।
भारत ने भेजी राहत
भारत ने सहायता के तौर पर म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर जानकारी साझा की है। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) सी-130जे विमान में सवार होकर म्यांमार को राहत सामग्री भेजी गई। राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां जैसी आवश्यक जीचें शामिल हैं।