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नई दिल्ली: चीन के सैनिकों ने पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण करने की कोशिश की। भारत के जांबाज जवानों ने चीन की नापाक कोशिश को नाकाम करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। यह घटना बुमला और यांग्त्से दर्रे के बीच हुई। तवांग में घुसपैठ कर भारतीय सीमा पर बने खाली बंकरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

गौरतलब है कि भारत से सटी सीमाओं पर चीनी सैनिक अक्सर भारत में घुसपैठ की कोशिश करते रहे हैं। इससे बार-बार सीमा पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ताजा मामला वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर अरुणाचल प्रदेश सेक्टर का है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, पिछले सप्ताह अरुणाचल सेक्टर पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच फिर से तनाव बढ़ गया। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोलिंग के दौरान चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की, जिससे घंटों तनाव की स्थिति रही। 

अरुणाचल सेक्टर में औपचारिक रूप से दोनों देशों की सीमाओं को सीमांकित नहीं किया गया है। इसलिए एलएसी को लेकर दोनों देशों की सेनाओं की अपनी-अपनी धारणाएं हैं।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों और एक अन्य जिले के दो थाना क्षेत्रों को उग्रवादी गतिविधियों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम के तहत अगले छह महीने के लिए ‘अशांत’ घोषित कर दिया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना एक अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक प्रभावी होगी। मंत्रालय के अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि पहली बार, लंबे समय के बाद दो अन्य जिलों- लोअर दिबांग और लोहित- के दो पुलिस थाना क्षेत्रों में आफस्पा कानून लागू नहीं होगा और यह फैसला सुरक्षा हालात में सुधार के मद्देनजर लिया गया है।

केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम-1958 की धारा-3 में निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एक अप्रैल 2021 को जारी अधिसूचना में अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लॉन्गडिंग जिलों और चार पुलिस थाना क्षेत्रों- दो नामसई जिले में और लोअर दिबांग और लोहित जिले के एक-एक पुलिस थाना क्षेत्र को ‘अशांत’ इलाका घोषित किया था, जो असम की सीमा से सटे हैं।

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा एक गांव को बसाए जाने की रिपोर्ट पर भारत में सियासत तेज है। भाजपा सांसद तापिर गाओ के दावों पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि क्या सरकार चीन को एक और क्लीन चिट देगी। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के भाजपा सांसद तापिर गाओ ने पलटवार किया है और कांग्रेस से पूछा है कि 80 के दशक से चीन हमारी जमीन पर कब्जा करके बैठा, फिर कांग्रेस ने उस वक्त कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। 

मंगलवार को भाजपा सांसद तापिर गाओ ने दावा किया यह कांग्रेस के शासनकाल के दौरान ही तवांग में सुमदोरोंग चू घाटी पर चीन ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सेना प्रमुख ने चीनी सेना की टुकड़ी को पीछे धकेलने के लिए एक ऑपरेशन की योजना बनाई थी, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें अनुमति देने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक से ही चीन इन इलाकों में सड़क का निर्माण कर रहा है।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सात में से छह विधायकों के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को राज्य में एक बड़ा झटका लगा है। राज्य विधानसभा की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के लिकाबाली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक करदो निग्योर भी भगवा दल में शामिल हो गए हैं। यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि बिहार में दोनों ही पार्टियां साथ सत्ता में हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका असर बिहार की राजनीति पर भी होगा या नहीं 

पंचायत और नगर निगम चुनाव के नतीजों की घोषणा से एक दिन पहले यह खबर सामने आई है। बुलेटिन के अनुसार रमगोंग विधानसभा क्षेत्र के तालीम तबोह, चायांग्ताजो के हेयेंग मंग्फी, ताली के जिकके ताको, कलाक्तंग के दोरजी वांग्दी खर्मा, बोमडिला के डोंगरू सियनग्जू और मारियांग-गेकु निर्वाचन क्षेत्र के कांगगोंग टाकू भाजपा में शामिल हो गए हैं। जद(यू) ने 26 नवंबर को सियनग्जू, खर्मा और टाकू को ''पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें निलंबित कर दिया था।

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