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इंफाल: नॉर्थ ईस्ट के सूबे मणिपुर में तैनात असम राइफल्स के एक जवान ने इंडो-म्यांमार बॉर्डर के पास कथित तौर पर खुद को गोली से उड़ाने से पहले छह सहयोगियों पर फायरिंग कर दी थी। हालांकि, बुधवार (24 जनवरी, 2024) सुबह की इस घटना के बाद असम राइफल्स की ओर से साफ किया गया कि इस मामले का सूबे में जारी हिंसा से लेना-देना नहीं है।

जवान ने खुद को गोली से उड़ाया

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार सुबह उस समय हुई, जब जवान चुराचांदपुर स्थित अपने घर से छुट्टी बिताने के बाद लौटा था। यह घटना भारत-म्यांमार के पास दक्षिण मणिपुर में असम राइफल्स बटालियन के अंदर हुई है। घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई है और सुरक्षा बलों की मदद से घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। फायरिंग के लिए इस्तेमाल हुए राइफल को कब्जे में ले लिया गया है और जांच शुरू हुई है। किस वजह से असम राइफल्स के जवान ने इस वारदात को अंजाम दिया, यह समझने के लिए उसके घर वालों से भी बात की जाएगी।

गुवाहाटी: भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ असम में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस बात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दी है। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस सदस्यों की तरफ से आज हिंसा, उकसावे, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले के संदर्भ में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, कन्हैया कुमार और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धारा 120 (बी) 143/147/188/283/427 के तहत केस दर्ज किया गया है।

इसके अलावा उनके खिलाफ पीडीपीपी अधिनियम की धारा 353 (लोक सेवक पर हमला), धारा 332 (लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना),और धारा 333 (लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) जैसे गैर-जमानती आरोपों में केस दर्ज किया गया है।

इससे पहले मंगलवार (23 जनवरी) को राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को गुवाहाटी में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद हिमंत बिस्व सरमा ने डीजीपी को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे दिया था।

डोमडोमा: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के नाम पर लहर नहीं है। अयोध्या में सोमवार को जो हुआ वह एक राजनीतिक कार्यक्रम था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘शो' किया। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि असम में उनकी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में अवरोध पैदा करने का जितना प्रयास किया जा रहा है, उससे उनकी यात्रा को उतना ही प्रचार मिल रहा है।

मंदिर के नाम पर लहर नहीं: राहुल गांधी

राहुल गांधी का कहना था कि कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के धमकाने वाले कदमों से वह डरने वाले नहीं हैं। यह पूछे जाने पर कि ‘राम लहर' का मुकाबला करने के लिए उनके पास क्या योजना है, तो कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ऐसी कोई बात नहीं है कि लहर है। यह भाजपा का राजनीतिक कार्यक्रम था। नरेन्द्र मोदी जी ने फंक्शन किया, शो किया। वो सब ठीक है, अच्छी बात है। लेकिन हम स्पष्ट हैं कि देश को मजबूत बनाने के लिए ‘पांच न्याय' की योजना हमारे पास है। यह हम आपके सामने रखेंगे।''

नई दिल्‍ली: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्‍ठा का भव्य समारोह हो रहा है। इस आयोजन के लिए देशभर से धार्मिक नेता, फिल्मी सितारे, खिलाड़ी, संगीतकार और अन्य प्रसिद्ध हस्तियां पहुंची हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए 10,000 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निमंत्रण पाने वाले एकमात्र भाजपा मुख्यमंत्री हैं। देशभर के भाजपा नेताओं ने अयोध्या में समारोह की सार्वजनिक स्क्रीनिंग का आयोजन किया है।

बताद्रवा थान जाने से रोकने पर राहुल ने दिया धरना

प्राण प्रतिष्‍ठा कार्यक्रम का आयोजन करने वाले मंदिर ट्रस्ट ने कई विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने इसे पीएम मोदी का आयोजन बताते हुए समारोहसे दूर रहने का फैसला किया है। जहां कुछ ने भाजपा पर धार्मिक आयोजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है, वहीं अन्य ने कहा है कि वे बाद में मंदिर जाएंगे। ऐसे में सवाल यह है कि प्रमुख विपक्षी नेता आज क्या करेंगे, जबकि अयोध्या में समारोह चल रहा है।

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