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गुवाहाटी: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी को सरेंडर मोदी कहने को लेकर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मैं याद दिलाता हूं कि किस पार्टी और परिवार ने भारत के हित और भू-भाग को सरेंडर किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी सफलता के बावजूद राहुल गांधी ने पीएम मोदी का मजाक उड़ाने की हिम्मत की है।

'पंडित नेहरू ने पीओके को जाने दिया'

उन्होंने कहा, "पंडित नेहरू ही थे जिन्होंने कश्मीर संघर्ष के दौरान संयुक्त राष्ट्र में जाकर हमारी आगे बढ़ती सेना को रोका और जिसे हम अब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर कहते हैं। उन्होंने पाकिस्तान को पीओके उपहार दे दिया। उस समय सेना की जीत की बलि दे दी गई।"

असम के सीएम ने अक्साई चीन का जिक्र करते हुए लिखा, "1962 में बिना गोली चलाए 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया गया।

गुवाहाटी: असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों का बाढ़ से बुरा हाल है। अब तक हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें।

असम में बाढ़ की स्थिति मंगलवार को और ज्यादा बिगड़ गई। बाढ़ की वजह से वहां छह और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों का आंकड़ा 17 पहुंच गया। वहीं सिक्किम समेत क्षेत्र के सात राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा करीब 48 हो गया है।

बाढ़ के हालात से निपटने के लिए मदद का आश्वासन

पीएम नरेंद्र मोदी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं। पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को असम और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ ही मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ के खतरे से निपटने के साथ ही राहत और पुनर्वास कोशिशों में केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली: पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 36 पहुंच गई है, जबकि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में 5.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के कारण असम में सबसे अधिक 11 लोगों की जान गई है, इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 10, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 3 और त्रिपुरा में 1 व्यक्ति की मौत हुई है।

एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि असम में 22 जिलों में बाढ़ से 5.35 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि 15 नदियां उफान पर हैं। एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि सिक्किम के छतेन में एक सैन्य शिविर के भूस्खलन की चपेट में आने की वजह से तीन सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और 6 सैनिक लापता हैं।

मणिपुर में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। राज्य में भारी बारिश से अब तक 3,365 घरों को नुकसान पहुंचा है। 1,599 लोगों को निकाला गया है और 11.8 हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई है।

नई दिल्ली: पूर्वोत्तर भारत में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात विकराल बना दिए हैं। असम, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय सहित कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक कम से कम 34 लोगों की मौत हो चुकी है।

असम में सबसे ज्यादा असर, लाखों प्रभावित

असम में 19 जिलों के 764 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम में अब तक बाढ़ और भूस्खलन से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ़ और नीमतिघाट समेत कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा पांच अन्य नदियों का जलस्तर भी खतरे के स्तर को पार कर चुका है। 10 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आगाह किया कि राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति अधिक खराब होने की आशंका है।

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