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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आगामी लोकसभा चुनावों में भी 'हाई टेक प्रचार प्रसार' से दूर रहेगी और पार्टी पुराने परंपरागत तरीके अपनाकर ही चुनाव मैदान में उतरेगी। बसपा का प्रचार पुराने परंपरागत तरीके से ही होगा जिसमें अधिक से अधिक स्थानों पर पार्टी प्रमुख मायावती की जनसभाएं आयोजित करना और कार्यकर्ताओं द्वारा गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर जनसंपर्क अभियान करना शामिल हैं। इसका मतलब यह कि बसपा के प्रचार प्रसार में न तो बड़े बड़े एलईडी लगेंगे, न हाईटक रथ और न ही कोई आईटी सेल सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार की जंग में विरोधी पार्टियों से दो-दो हाथ करेंगी।

बसपा प्रमुख मायावती वैसे तो कुछ दिन पहले ही पहली बार ट्विटर पर आई थी और देखते ही देखते उनके फॉलोअर की संख्या करीब डेढ. लाख तक पहुंच गयी है। हालांकि कुछ बड़ी जनसंपर्क एजेंसिया :पीआर : कल (सोमवार) बसपा के लखनऊ स्थित कार्यालय गयी थी और पार्टी के कुछ नेताओं के सामने अपने काम का प्रस्तुतीकरण भी किया था लेकिन उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला था।

लखनऊ: अयोध्या विवाद में मध्यस्थता की कोशिश 12 मार्च से शुरू हो जाएगी। इसके लिए अवध विश्वविद्यालय स्थित आईईटी भवन को चुना गया है। मध्यस्थता कमेटी के यहीं पर ठहरने और सुनवाई के लिए कक्ष तैयार किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। तीन सदस्यीय मध्यस्थता कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस एफएम कलीफुल्लाह, सदस्य आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राम पंचू के लिए अलग-अलग कक्ष व फर्नीचर व्यवस्थित करने की कवायद में प्रशासन जुट गया है।

बताया जा रहा है कि मध्यस्थों की टीम का आगमन रविवार देर रात तक हो सकता है। सुनवाई के लिए सोमवार को टीम आ सकती है। इसके बाद पक्षकारों को सूचना देने के साथ ही सुनवाई का प्रारूप सामने आ जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता कमेटी को आठ सप्ताह का समय दिया है।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में सात चरणों में होंगे लोकसभा के चुनाव। पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा। 23 मई को मतगणना होगी। उत्‍तर प्रदेश जनसंख्‍या के आधार पर देश का सबसे बड़ा राज्‍य है। राज्‍य में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं, जो देश में किसी एक राज्य में सबसे अधिक हैं। यही कारण है कि देश की राजनीति, खासकर केंद्र की सरकार के लिहाज से यूपी अहम राज्‍य है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से राज्‍य की राजनीति पर पूरे देश की नजर है। प्रदेश में योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार है। हालांकि मुलायम सिंह और उनके पुत्र अखिलेश यादव के नेतृत्‍व वाली समाजवादी पार्टी, मायावती की बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और चौधरी अजीत सिंह की राष्‍ट्रीय लोकदल भी राज्‍य के महत्‍वपूर्ण राजनीतिक दल हैं।

उत्तर प्रदेश में किस चरण में किन जिलों में होंगे चुनाव

पहला चरण

सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद,गौतम बुद्ध नगर।

लखनऊ: चुनाव आयोग रविवार (10 मार्च) शाम पांच बजे लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान करेगा। उससे पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा कार्यलय में मीडिया को संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने आज (रविवार) शाम होने वाली चुनाव आचार संहिता की घोषणा पर कहा कि जनता चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रही है। देश में परिवर्तन का रुझान है, क्योंकि जनता बहुत परेशान है और वो अब बदलाव चाहती है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बुक लांच कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी के साथ भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में न तो युवाओं को नौकरियां मिलीं और न ही किसानों की आमदनी बढ़ी। साल 2014 में कहा गया था कि विदेशों से सारा कालाधन लेकर आएंगे लेकिन नोटबंदी कर जो धन जनता ने ईमानदारी से कमाया था। वह भी बैंकों में जमा करवा लिया। सपा अध्यक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस सरकार ने सेना को राजनीति में घसीटा। भाजपा के 'मोदी है तो मुमकिन है' स्लोगन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और उनकी पार्टी ने अपना प्रचार करने के लिए उर्दू का सहारा लिया।

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