लखनऊ: अयोध्या विवाद में मध्यस्थता की कोशिश 12 मार्च से शुरू हो जाएगी। इसके लिए अवध विश्वविद्यालय स्थित आईईटी भवन को चुना गया है। मध्यस्थता कमेटी के यहीं पर ठहरने और सुनवाई के लिए कक्ष तैयार किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। तीन सदस्यीय मध्यस्थता कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस एफएम कलीफुल्लाह, सदस्य आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राम पंचू के लिए अलग-अलग कक्ष व फर्नीचर व्यवस्थित करने की कवायद में प्रशासन जुट गया है।
बताया जा रहा है कि मध्यस्थों की टीम का आगमन रविवार देर रात तक हो सकता है। सुनवाई के लिए सोमवार को टीम आ सकती है। इसके बाद पक्षकारों को सूचना देने के साथ ही सुनवाई का प्रारूप सामने आ जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता कमेटी को आठ सप्ताह का समय दिया है।
वहीं, मामले की जानकारी समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी।