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रांची: चारा घोटाले से जुड़े एवं देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मुकदमे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा एवं तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 दोषियों की सजा की अवधि पर अदालत ने फैसला कल तक के लिए स्थगित कर दिया है।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में आज दिन में ग्यारह बजे चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिये गये सभी 16 लोगों की सजा की अवधि पर बहस प्रारंभ होनी थी लेकिन अदालत ने कार्यवाही प्रारंभ होने के बाद इसके लिए दोपहर बाद दो बजे का समय तय किया।

इसके चलते सुरक्षा कारणों के मद्देनजर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को होतवार स्थित बिरसा मुंडा जेल से दोपहर पौने दो बजे सीबीआई अदालत में पेश किया गया। लालू के साथ इस मामले के सभी 16 अभिुक्तों को अदालत में पेश किया गया जहां सभी की सजा की अवधि पर उनके वकीलों ने बहस की।

रांची: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव अब फिर जेल में हैं। 1997 में चारा घोटाला सामने आने के बाद जेल जाने का उनका सिलसिला शुरू हुआ था। उसी की आंच ने उन्हें शनिवार को फिर जेल पहुंचा दिया। चारा घोटाला से जुड़े देवघर अवैध निकासी केस में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने जैसे ही लालू यादव को दोषी करार दिया, उन्हें फौरन गिरफ्तार कर लिया गया।

कोर्ट से उन्हें सीधे रांची स्थित बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया। हालांकि, बिरसा मुंडा जेल में लालू यादव को वीआईपी कैदियों की तरह रखा गया है, लेकिन जेल में उनकी पहली रात काफी उलझनों भरी रही। बताया जा रहा है कि लालू रात भर बेचैन दिखे और करवटें बदलते रहे। सुबह उन्हें चाय और बिस्किट दिया गया।

रांची: यहां की एक विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के एक मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित 16 लोगों को दोषी करार दिया, जिनको तीन जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। वहीं इस मामले में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र सहित छह लोगों को अदालत ने निर्दोष करार देते हुए रिहा कर दिया। इस मामले में दोषी ठहराये गए सभी 16 लोगों को हिरासत में लेकर बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया है।

चारा घोटाले के इस मामले में कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया गया था। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के अलावा बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद और पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, हार्दिक चंद्र चौधरी, सरस्वती चंद्र और साधना सिंह को दोषमुक्त करार कर दिया।

21 साल पुराने इस मामले में सीबीआई ने शुरु में 38 लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें 11 की मौत ट्रायल के दौरान हो गई। दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए और निर्णय के पूर्व ही अपना दोष स्वीकार कर लिया। सीबीआई ने इस मामले में देवघर कोषागार से फर्जी बिल बना कर राशि की निकासी करने का आरोप लगाया है।

नई दिल्ली: दिल्ली की विशेष अदालत ने कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले के दोषी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को सजा का ऐलान कर दिया है। कोड़ा को 3 साल कैद और 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पराशर ने मधु कोड़ा और एचसी गुप्ता के अलावा झारखंड के पूर्व सचिव अशोक कुमार बासु और निजी कंपनी विनी आयरन तथा स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को भी दोषी पाया। अदालत ने वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव तुलस्यान, दो लोक सेवकों बसंत कुमार भट्टाचार्य व बिपिन बिहारी सिंह तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन कुमार तुलस्यान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

यह था मामला

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि वीआईएसयूएल कंपनी ने आठ जनवरी 2007 को राजहरा नॉर्थ कोयला ब्लॉक के आवंटन के लिए आवेदन दिया था। झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने वीआईएसयूएल को कोयला ब्लॉक का आवंटन करने की सिफारिश नहीं की, इसके बावजूद 36वीं स्क्रीनिंग कमेटी ने आरोपी कंपनी को ब्लॉक देने की सिफारिश कर दी।

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