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रांची: चारा घोटाले के देवघर कोषागार से जुड़े एक मामले में सजा पाने के बाद बिरसा मुंडा जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। क्योंकि चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये के गबन के एक अन्य मामले में भी बहस पूरी हो गई है और जनवरी के अन्त तक इसमें भी फैसला आ सकता है।

सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा के यहां स्थित एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये फर्जी ढंग से निकालने से संबद्ध आरसी 68ए/96 मामले में भी सीबीआई के विशेष न्यायाधीष स्वर्ण शंकर प्रसाद की अदालत में बहस पूरी हो गई है और इस मामले में कल फैसला सुरक्षित हो जाने की संभावना है।

अगर अदालत इस मामले में कल फैसला सुरक्षित कर लेती है तो जनवरी माह में ही इस मामले में भी फैसला आ जाने की पूरी संभावना है।

जादूगोड़ा: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के ग्रामीण जिलाध्यक्ष रोहित सिंह के चाचा वीरेंद्र सिंह के लाॅज में वर्षों से देह व्यापार चल रहा था। इसका खुलासा मंगलवार को पुलिस की विशेष टीम ने किया। छापेमारी के दौरान लाॅज से दो जोड़े आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गये।

मुसाबनी के डीएसपी अजित कुमार विमल के अनुसार, वीरेंद्र सिंह के नवरंग मार्केट स्थित राहुल होटल एंड लाॅज में देह व्यापार की सूचना उन्हें अक्सर गुप्त काॅल से मिल रही थी। इसे देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जब लाॅज में छापेमारी की, तो दो जोड़े आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ाये। जांच के बाद देह व्यापार की बात सही साबित हुई।

विमल के अनुसार, लाॅज के 102 और 104 नंबर कमरे में दो जोड़े आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गये। दोनो कमरों से कंडोम, टैबलेट सहित आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुए हैं। हालांकि आसपास के लोगों की मानें, तो छापेमारी के दौरान टीनएजर एक युवक और दो युवतियां भाग गयीं।

रांची: चारा घोटाले में एक मामले में दोषी आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जमानत के लिए रांची हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। शनिवार को रांची की विशेष सीबीआई कोर्ट ने चारा घोटाले के 21 साल पुराने एक मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव सहित 16 लोगों को सजा सुनाई थी।

गौरतलब है कि लालू यादव को अगर तीन साल या उससे कम की सज़ा होती तो उन्हें सीबीआई कोर्ट जमानत मिल सकती थी। लेकिन उन्हें अब जमानत रांची हाईकोर्ट से ही मिलेगी।

क्या है चारा घोटाला ?

उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले का यह मामला देवघर कोषागार से 89 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी का है। सीबीआई ने इस मामले में 15 मई 1996 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी तथा 28 मई 2004 को आरोप पत्र दायर किया था। इस मामले में 26 सितंबर 2005 को आरोप गठन किया गया था।

रांची: चारा घोटाले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को साढ़े तीन साल की सज़ा और पांच लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, अदालत ने बाकी दोषियों फूलचंद, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, सुनील कुमार, सुधीर कुमार और राजा राम को भी साढ़े तीन साल की सज़ा और पांच लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया।

कानून के जानकारों का कहना है कि लालू यादव को तीन साल से ज्यादा की सज़ा सुनाई गई है इसलिए जमानत के लिए उन्हें ऊपरी अदालत का रूख करना होगा। अगर तीन साल या उससे कम की सज़ा होती तो उन्हें यही से जमानत मिल जाती।

उधर, फैसला आने के बाद लालू यादव के बेटे तेजस्वी ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि न्यायपालिका ने अपना फैसला सुना दिया है। हम अब फैसले का अध्ययन करने के बाद बेल के लिए हाईकोर्ट जाएंगे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए लालू 

लालू यादव जिस वक्त सीबीआई की विशेष अदालत की तरफ से फैसला सुनाया जा रहा था वे रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में मौजूद थे और हाथ जो़डकर खड़े थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू हाथ जोड़े हुए खड़े नजर आ रहे हैं।

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