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चेन्नई: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने कावेरी डेल्टा के किसानों के लिए 54.65 करोड़ रूपए के पैकेज की घोषणा की ताकि पैदावार ज्यादा हो और अल्पकालिक ‘कुरूवई’ धान की खेती में बढ़ोत्तरी हो। इस पैकेज में आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के लिए 4,000 रूपए प्रति एकड़ की सब्सिडी भी शामिल है। एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, जयललिता ने कहा कि तंजौर, तिरूवरूर और नगापत्तनम सहित कावेरी डेल्टा के छह जिलों में कृषि के लिए पिछले चार साल की तरह 12 घंटे बिजली दी जाएगी। करीब 40 करोड़ रूपए में से 4,000 रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी ऐसे किसानों के बैंक खातों में सीधे डाल दी जाएगी जो कुरूवई की खेती करते हैं। एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद जयललिता ने पैकेज की घोषणा की। इस बीच, जयललिता ने मांग की है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोत्तरी वापस ली जाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफे से जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उछाल आएगा। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘मैंने कई बार कहा है कि तेल कंपनियों की ओर से अपनाई जाने वाली मूल्य निर्धारण नीति गलत है। इस गलत नीति के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई गई हैं।’ जयललिता ने कहा कि रूपए और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर के आधार पर महीने में दो बार ईंधन की कीमतें तय करने की नीति सही नहीं है।’

नई दिल्ली: सरकार ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण में 3,770 करोड़ रूपए की लागत से नौ किलोमीटर से ज्यादा विस्तार के प्रस्ताव को आज (बुधवार) मंजूरी दे दी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वाशेरमनपेट से विमकोनगर तक बन रही चेन्नई मेट्रो रेल चरण-एक परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।’ उसमें कहा गया है, ‘कुल 3,770 करोड़ रूपए की लागत से 9.051 किलोमीटर की लंबाई इसमें शामिल है।’ इस परियोजना को मार्च 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसे मौजूदा विशेष उपयोग वाहन (एसपीवी) चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड के तहत पूरा किया जाएगा, जिसमें केन्द्र और तमिलनाडु सरकार 50-50 प्रतिशत की भागीदार हैं। कुल परियोजना लागत में से भारत सरकार की हिस्सेदारी 713 करोड़ रूपए जबकि राज्य सरकार की भागीदारी 916 करोड़ रूपए होगी। राज्य सरकार की लागत में भूमि और पुनर्वास संबंधी 203 करोड़ रूपए की लागत भी शामिल है।

चेन्नई: अन्नाद्रमुक के चार उम्मीदवार और द्रमुक के दो उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं क्योंकि मुकाबले में कोई और उम्मीदवार नहीं है। आज (बुधवार) सात निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज हो गये। तमिलनाडु विधानसभा के सचिव और पीठासीन अधिकारी ए.एम.पी. जमालुद्दीन ने आज यहां कहा कि आर. विथिलिंगम, ए. नवनीतकृष्णन, ए. विजयकुमार, पूर्व केंद्रीय मंत्री एस आर बालासुब्रमण्यम :सभी अन्नाद्रमुक: और आर. एस. भारती तथा टी.के.एस. इलोंगोवन (द्रमुक) के नामांकन पत्र वैध पाए गए और उन्हें स्वीकार कर लिया गया। चार सांसदों के निर्वाचन के साथ ही राज्यसभा में अन्नाद्रमुक सदस्यों की संख्या 11 से बढ़कर 12 हो जाएगी। द्रमुक सांसदों की संख्या चार ही बनी रहेगी। तमिलनाडु से कांग्रेस का उपरी सदन में कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। तमिलनाडु से राज्यसभा के छह सांसदों के निर्वाचन के लिए चुनाव हो रहा है।

चेन्नई: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने कोयंबटूर के पास निर्वाचन आयोग की टीम द्वारा जब्त किए गए 570 करोड़ रुपये के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की है। तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया वह रुपये को जब्त करने और बाद में छोड़ दिए जाने के मुद्दे की सीबीआई और ईडी से निष्पक्ष जांच का आदेश दें। इस पत्र को लिखने वाले द्रमुक प्रवक्ता एवं पूर्व सांसद टीकेएस एलंगोवन ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी, भारतीय रिजर्व बैंक (आइबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन, सीबीआई के निदेशक एवं अन्य लोगों के पास भी इस सिलसिले में एक अभ्यावेदन भेजा है। निर्वाचन आयोग के निगरानी दस्ते ने तमिलनाडु में तिरुपुर में तीन ट्रक जब्त किए थे। इन ट्रकों में 570 करोड़ रुपये थे। जब्त किए गए ट्रक तिरुपुर के जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर 14 मई से 17 मई तक खड़े रहे थे। एलंगोवन ने कहा कि निगरानी दल ने पाया था कि जो दस्तावेज ट्रक के साथ मौजूद लोगों ने दिए थे, उन पर इन ट्रकों का नंबर नहीं लिखा था। इन वाहनों के साथ जो सुरक्षा अधिकारी थे, वे आंध्र प्रदेश के थे और उन्होंने वर्दी नहीं पहनी हुई थी।

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