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चंडीगढ़: हरियाणा में रॉबर्ट वाड्रा सहित कुछ फर्मों को मिले भूमि लाइसेंसों की जांच कर रहे जांच आयोग के कार्यकाल को 8 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है। उधर, समिति प्रमुख न्यायमूर्ति एसएन ढींगरा ने इन आरोपों को खारिज किया कि उनके द्वारा संचालित ट्रस्ट को सरकार मदद पहुंचा रही है। हरियाणा सरकार ने आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त तक बढ़ाया है। इससे एक दिन पहले न्यायमूर्ति ढींगरा ने समय सीमा पूरी होने से ठीक पहले और छह हफ्ते का वक्त मांगा था। उनका कहना था कि उन्हें समिति के सामने आए अतिरिक्त सबूतों और दस्तावेजों के अध्ययन के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है। कार्यकाल विस्तार मंजूर होने के बीच, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जांच समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपने से पहले कांग्रेस द्वारा सवाल उठाने से संदेह पैदा होता है कि कुछ सही नहीं चल रहा है। एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया कि हरियाणा के राज्यपाल ने एक सदस्यीय आयोग का कार्यकाल समान नियमों और शर्तों पर 31 अगस्त तक बढ़ा दिया।

चंडीगढ़: जाट आरक्षण की मांग को लेकर पांच जून से शुरू हुआ दूसरे चरण का आंदोलन आज (रविवार) खत्म हो गया। आंदोलन कर रहे जाट नेताओं ने ऐलान किया है कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो वो अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे । अनशन पर बैठे लोगों को जूस पिलाने के साथ ही जाट आरक्षण आंदोलन ख़त्म हो गया। इसके साथ ही हरियाणा में अलग-अलग जगहों पर चल रहे धरने भी ख़त्म हो गए। हरियाणा सरकार और यशपाल मलिक की अगुवाई वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बीच दस सूत्रीय समझौते के बाद ये फ़ैसला लिया गया। जाट समुदाय की मांग है कि पिछले आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर देशद्रोह के मुकदमे दर्ज हुए थे, उन्हें वापस लिया जाए। जाट समुदाय के जेल में बंद लोगों को रिहा किया जाए और विधानसभा में जाटों के आरक्षण से जुड़े क़ानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में डाला जाए, ताकि कोर्ट उसे खारिज न कर सके। जाट नेताओं ने हरियाणा सरकार को 31 अगस्त तक की मोहलत दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो 13 सितंबर को हिसार के मय्यड़ में जाट बिरादरी की सभा में आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।

चंडीगढ़: आरक्षण के समर्थन में जाटों के आंदोलन का नया दौर बुधवार को 11वें दिन भी जारी रहा। इनेलो नेता अभय चौटाला ने कई स्थानों पर जाटों की सभाओं को संबोधित किया जबकि राज्य मंत्री अनिल विज ने विपक्ष पर प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने यहां बताया कि राज्य शांतिपूर्ण रहा और किसी भी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। रोहतक, झज्जर, जींद और कैथल में जाट समुदाय के सदस्यों के धरना को संबोधित करते हुए चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी जाटों और पांच अन्य समुदायों को दिए गए आरक्षण को जारी रखने का समर्थन करती है। उन्होंने कहा, ‘हम विधानसभा के अगले सत्र में मुद्दे को उठाएंगे।’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने जाटों और पांच अन्य समुदायों को आरक्षण देने की सरकार की मंशा पर शुरूआत से ही संदेह जताया था। उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह मामला अदालतों में फंस गया है।’ इस बीच, राज्य मंत्री अनिल विज ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे जाट समुदाय को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘जाट शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं लेकिन वे इसे पचा नहीं पा रहे हैं। वे उन्हें उकसाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता आनंद सिंह डांगी ने भी रोहतक में जाटों की सभा को संबोधित किया था जहां उन्होंने राजनैतिक भाषण दिया, जिसका सभा ने विरोध किया।’ विज ने कहा कि जाट समुदाय विपक्ष की साजिश को जानता है, जो शांति भंग करना चाहते हैं और इसलिए वे उनके जाल में नहीं फंसेंगे।

चंडीगढ़: हरियाणा में स्कूली शिक्षकों से कहा गया है कि वह काम के समय जींस नहीं पहनें और औपचारिक लिबास में आएं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक, हरियाणा (पंचकूला) ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। सभी जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गये आदेश में कहा गया, 'यह पाया गया है कि प्राथमिक और मिडल स्कूलों के शिक्षक जींस में स्कूल आते हैं। यह भी पाया गया है कि जब वे किसी काम के लिए निदेशालय कार्यालय में आते हैं तो यहां भी जींस पहन कर आते हैं जो अनुचित है। कृपया यह सुनिश्चित करें कि कोई भी अध्यापक स्कूल में जींस पहनकर नहीं आये और उन्हें औपचारिक लिबास में आना चाहिए।' हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने आदेश की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे राज्य सरकार का अपनी विफलताओं से ध्यान बंटाने के लिए उठाया गया कदम बताया है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वजीर सिंह ने शनिवार को कहा, 'अध्यापकों के लिए परिधान संहिता तय करने का सरकार का पूरी तरह से गलत आदेश है। यह अध्यापकों पर छोड़ दिया जाना चाहिए कि वह क्या पहनते हैं। अध्यापक का काम पढ़ाना है और वह जींस या धोती में भी पढ़ा सकता है।' उन्होंने बताया कि यह आदेश दो दिन पहले जारी किया गया था।

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