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नई दिल्ली: आज यानि मंगलवार (27 जनवरी 2026) को अगर बैंक में आपका काम है तो यह खबर आपके लिए है। क्योंकि ऐसा न हो कि आप बैंक पहुंचें और वहां ताला लटका मिले। दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 27 जनवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल का एलान किया है, जिसका असर देशभर में बैंकिंग कामकाज पर आज पड़ सकता है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, जो 9 बैंक यूनियनों की संयुक्त इकाई है, लंबे समय से हफ्ते में 5 दिन काम की मांग कर रहा है। यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।

यूनियनों के मुताबिक, अन्य सरकारी विभागों की तरह बैंक कर्मचारियों को भी दो दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलना चाहिए, ताकि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस सुनिश्चित हो सके। इसी मांग को लेकर 23 जनवरी को चीफ लेबर कमिश्नर के साथ बैठक हुई थी, लेकिन समाधान न निकलने के बाद 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का एलान किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है और इसका सीधा फायदा भारत के उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र और आम लोगों को मिलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह डील भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करेगी और सर्विस सेक्टर को नया सहारा देगी।

भारत बन रहा है बड़ी ऊर्जा अर्थव्यवस्था

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। भारत नवीकरणीय ऊर्जा, तेल और गैस जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया के कई देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के भारत में हर सेक्टर में सुधार हो रहे हैं। इन सुधारों की वजह से देश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और नए रोजगार के मौके बन रहे हैं।

नई दिल्ली: रूपया मंगलवार को सात पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.97 (अस्थायी) के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। धातु आयातकों से डॉलर की मजबूत मांग और लगातार विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितता ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ा दिया है और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बनाए रखा है। इसके अलावा, विदेशी पूंजी की निकासी के कारण घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती भी इसकी एक वजह रही।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.91 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.06 पर पहुंच गया। अंत में 90.97 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अब तक के निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से सात पैसे की गिरावट है।

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र नुकसान वाला रहा. बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 824 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 75,366 और निफ्टी 263 अंक या 1.14 प्रतिशत गिरकर 22,829 पर था। बाजार में गिरावट का नेतृत्व मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने किया. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,467 अंक या 2.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51,795 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 651 अंक या 3.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,304 पर था।

भारी गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप करीब 9 लाख करोड़ रुपये गिरकर 410 लाख करोड़ रुपये रह गया है। बाजार के करीब सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं। ऑटी, ऑटो, फार्मा, मेटल, रियल्टी, मीडिया और एनर्जी इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट थी। बाजार का रुझान भी नकारात्मक था। पर 3,519 शेयर लाल निशान में, 597 शेयर हरे निशान में और 118 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।

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