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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए करदाताओं और निवेशकों के लिए कई अहम बदलावों का एलान किया है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को बार-बार दफ्तरों के चक्कर से मुक्त करना और नियम आधारित ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना है।

छोटे करदाताओं के लिए नई टीडीएस व्यवस्था

बजट में छोटे करदाताओं के लिए एक नई और बड़ी सुविधा की घोषणा की गई है। अब कम या शून्य टीडीएस (लोअर या निल टीडीएस) के लिए अलग से असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

सरकार एक नियम आधारित स्वचालित प्रणाली (रूल बेस्ड ऑटोमेटेड प्रोसेस) लाने जा रही है, जिसके तहत योग्य करदाता सीधे डिजिटल तरीके से टीडीएस डिडक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय और कागजी कार्रवाई दोनों की बचत होगी।

नई दिल्ली: कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई। रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया- दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करना अभी बाकी है, फिर भी 90 मिनट के भाषण के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। यह पूरी तरह फीका और निराशाजनक रहा।

उन्होंने दावा किया कि भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की।

नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026–27 में सरकार ने बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देने का संकेत दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए देशभर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की, जिन्हें शहरों के बीच विकास के “संयोजक” के रूप में देखा जा रहा है।

बजट भाषण में जिन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई, वे इस प्रकार हैं- मुंबई- पुणे, पुणे- हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी। वित्त मंत्री ने कहा कि ये कॉरिडोर केवल यात्रा का समय कम करने तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति देंगे।

सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिलेगा नया बल

बजट में तकनीकी और औद्योगिक आत्मनिर्भरता पर भी खास जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर के विस्तार के लिए आईएसएम 2.0 (इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0) शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य देश में चिप निर्माण और उससे जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

मुंबई: बजट के दिन भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत हुर्ह है। इसके बाद जब बजट भाषण शुरू हुआ तो निवेशकों ने जोश दिखाया लेकिन, 12 बजे के करीब बाजार का जोश ठंडा पड़ता दिखाऔर सेंसेंक्स निफ्टी दोनों ही लाल निशान में आ गए। खासतौर पर जैसे ही वित्त मंत्री ने ऑप्शन ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया, सेंसेक्स जहां करीब 2500 अंक फिसलकर 79,899.42 पर आ गया है। वहीं, निफ्टी 24,571.75 तक फिसल गया है

मेटल सेक्टर में तबाही

सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी मेटल इंडेक्स में दिख रही है, जो करीब 4.3% टूटकर टॉप लूजर बना हुआ है। इसके अलावा आईटी, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक, रियल्टी, मीडिया और फाइनेंसियल सर्विसेज सेक्टरों में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे बाजार की चाल सुस्त बनी हुई है। हालांकि पूरी तस्वीर कमजोर नहीं है। फार्मा, हैल्थ केयर, कंस्ट्रक्शन और प्राइवेट बैंक जैसे कुछ सेक्टर हरे निशान में टिके हुए हैं, जो बाजार को नीचे जाने से कुछ हद तक सहारा दे रहे हैं।

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